Iqra Hasan: लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सपा सांसद इकरा हसन ने केंद्र सरकार पर जबरदस्त हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता के लोग एकदूसरे की पीठ थपथपा रहे हैं कि संशोधनों को स्वीकार कर लिया जाए, लेकिन इनकी शरारत यह है कि एक ऐसा प्रावधान शामिल किया गया है कि अगर कोई भी वक्फ की संपत्ति विवादित होगी तो वह अपना वक्फ स्टेटस खो देगी।
लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा हुई। इस दौरान समाजवादी पार्टी की ओर से कैराना से सांसद इकरा हसन ने चर्चा में हिस्सा लिया और विधेयक को ईद से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि ईद की रौनक बुझी भी नहीं थी कि हमारी जड़ों पर नया फरमान लाया गया। सरकार महिलाओं की बात कर रही है, लेकिन महिलाओं को इस विधेयक से कुछ नहीं मिल रहा।
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'लाखों गरीब लोग वक्फ की संपत्ति से अपना रोजगार चला रहे हैं'
इकरा हसन ने लोकसभा में कहा कि ईद के मौके पर एक विधवा महिला एक लड़की के साथ मेरे पास आई और बताया कि वह वक्फ की प्रॉपर्टी पर रहती है। वही प्रॉपर्टी उसकी रोजी-रोटी और छत का काम करती है। ऐसे लाखों गरीब लोग वक्फ की संपत्ति से अपना रोजगार चला रहे हैं। संशोधित विधेयक के प्रावधानों से लोग सड़कों पर आ जाएंगे।
'यह विरासत को मिटाने का बिल है'
इकरा हसन ने कहा कि सत्ता के लोग एकदूसरे की पीठ थपथपा रहे हैं कि संशोधनों को स्वीकार कर लिया जाए, लेकिन इनकी शरारत यह है कि एक ऐसा प्रावधान शामिल किया गया है कि अगर कोई भी वक्फ की संपत्ति विवादित होगी तो वह अपना वक्फ स्टेटस खो देगी। इसका कोई मतलब नहीं है। यह बिल मुसलमान की भलाई का नहीं, वजूद और विरासत को मिटाने का बिल है। आपके मुंह से धर्मनिरपेक्षता की बात सुनकर अच्छा लगा, लेकिन अगले ही पल यह भ्रम टूट जाता है।
इकरा ने कहा कि महिलाओं का मुद्दा बार-बार उठाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि वक्फ बोर्ड में मुस्लिम महिलाओं को प्रतिनिधित्व देंगे। इस विधेयक से पहले भी मुस्लिम महिलाएं वक्फ बोर्ड में सदस्य रह चुकी हैं। सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के लिए कौन-सा नया काम किया? इस बात की तारीफ अगर आपकी तरफ से कोई मुस्लिम महिला करती तो यकीन भी करते, लेकिन अफसोस आपकी लंबी कतार में कोई मुस्लिम महिला सांसद नजर नहीं आई। मैं खुद एक मुस्लिम महिला हूं, उस नाते से यह कहना चाहती हूं कि इस विधेयक के माध्यम से मुस्लिम महिलाओं को कुछ नहीं मिल रहा, ये हमें कुछ नहीं देना चाहते। एक नैरेटिव बनाया जा रहा है। यह विधेयक मुस्लिमों की भलाई का नहीं है। इस विधेयक के जरिए मीठी ईद के जायके को कड़वा करना यही आपकी असली सौगात है।