समाजवादी पार्टी के नेता रामचरित्र निषाद
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उत्तर प्रदेश विधान परिषद की पिक्चर गैलरी में स्वतंत्रवीर दामोदर सावरकर की तस्वीर पर समाजवादी पार्टी भड़क उठी है। वहीं, दूसरी ओर सपा के नेता वीर सावरकर को मानने वाली शिवसेना के साथ मुंबई में साठगांठ की कोशिश में जुटे है। इसको लेकर भाजपा ने सपा नेता व पूर्व सांसद राम चरित्र निषाद को आईना दिखाया है।
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से टिकट कटने के बाद सपा का दामन थामने वाले निषाद इन दिनों मुंबई में हैं। उन्होंने शिवसेना अध्यक्ष व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलकर यह दावा किया है कि जल्द ही मुंबई में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, सीएम उद्धव ठाकरे व एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार की रैली करेंगे। उनका कहना है कि भाजपा ने उत्तर भारतीयों के लिए कुछ नहीं किया।
इसलिए आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में उत्तर भारतीय शिवसेना के साथ बनी महाविकास आघाड़ी को समर्थन देंगे। इस पर मुंबई भाजपा के प्रवक्ता अजय सिंह ने कहा कि जनता की नाराजगी के चलते अपने चुनाव क्षेत्र से पलायन करने वाले उत्तरप्रदेश के मछलीशहर के पूर्व सांसद रामचरित्र निषाद अब मुंबई के उत्तरभारतीयों की चिंता करने मुंबई पहुँच गए हैं।
यहाँ के उत्तर भारतीय बहुत समझदार हैं और वे जानते हैं कि उनका हित किस दल के साथ सुरक्षित है। इसलिए यहाँ समाजवादी पार्टी की दाल गलने वाली नहीं। निषाद के प्रति जनता में भारी नाराजगी थी। इसे देखते हुए पार्टी ने जब इन्हें उम्मीदवारी नहीं दी तो सपा के टिकट पर दूसरी सीट से चुनाव लड़े और हारे।
शिवसेना नहीं है उत्तर भारतीयों की हितैषी
मुंबई भाजपा प्रवक्ता सिंह ने कहा कि शिवसेना उत्तरभारतीयों की कितनी हितैषी है यह बात महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तर भारतीय भलीभांति जानते हैं। बाहर से आकर किसी और को यह बात समझाने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यदि मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के लिए पहचानी जाने वाली समाजवादी पार्टी के मंच पर जाते हैं तो लोगों को कोई आश्चर्य नहीं होगा। क्योंकि शिवसेना अब 'सेक्युलर' हो गई है।