सपा में उठापटक का पूर्वांचल की राजनीति पर दूरगामी असर पड़ेगा। कारण, बर्खास्त चार मंत्रियों में शिवपाल यादव को छोड़कर बाकी तीनों मंत्री पूर्वांचल के हैं। गाजीपुर के ओमप्रकाश सिंह और शादाब फातिमा और बलिया के नारद राय की बर्खास्तगी के बाद यहां पर पार्टी संगठन खुले तौर पर शिवपाल और अखिलेश गुट में बंट गया है। पुराने नेता जहां मुलायम-शिवपाल के साथ हैं, वहीं नई पीढ़ी अखिलेश को अपना नेता मान रही है। इसे लेकर पूर्वांचल में जल्दी ही नए राजनीतिक समीकरण बनेंगे। दोनों गुटों की यह लड़ाई सड़कों पर भी आ सकती है।
गाजीपुर में जमानियां के विधायक पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह और जहूराबाद की विधायक और महिला कल्याण राज्यमंत्री शादाबा फातिमा की रविवार सुबह बर्खास्तगी से जिले के पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता सन्न हैं। वैसे इस विवाद में कोई भी नेता कुछ बोलना नहीं चाह रहा है। दोनों मंत्रियों का फोन भी सुबह से ही पहुंच से बाहर है। सपा में यह घमासान कौमी एकता दल के विलय से शुरू हुआ जिसके कर्ता-धर्ताओं में दो नेता अफजाल अंसारी और सिगबतुल्लाह अंसारी जिले के ही हैं।
जिले के युवा नेताओं को मुख्यमंत्री का समर्थक माना जा रहा है लेकिन अखिलेश समर्थक विधायक एवं पार्टी पदाधिकारी अभी खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। अंसारी बंधुओं के समर्थकों को भी बड़ा झटका लगा है। वे नवंबर के पहले हफ्ते में मुहम्मदाबाद में होने वाले कार्यकर्ता सम्मेलन में शिवपाल यादव को बुलाने की तैयारी में जुटे थे।