पूर्व कानून मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने सोमवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इस पूरी प्रक्रिया से उन्हें बाहर रखा गया था। ऐसे में वह इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले लोगों की तरफ से कुछ नहीं बोल सकते हैं।
लेकिन उन्होंने कहा कि निजी राय के अनुसार, प्रस्ताव को खारिज करने के राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू के फैसले को चुनौती दी जानी चाहिए। मामलों की पैरवी के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे खुर्शीद ने इस मामले में ज्यादा कुछ बोलने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अगले कदम के बारे उन लोगों से बात करनी चाहिए जो इससे जुड़े हुए हैं। सलमान खुर्शीद कांग्रेस के उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने जाने का सबसे पहले विरोध किया था।