फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सलमान खुर्शीद बोले- दोबारा कांग्रेस अध्यक्ष बनें राहुल गांधी, पार्टी नेताओं से कहा- मुझे नसीहत न दें

Sun, 13 Oct 2019 09:29 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
सलमान खुर्शीद (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
विज्ञापन

कांग्रेस की वर्तमान स्थिति को लेकर अपनी ही पार्टी की आलोचना कर चुके सलमान खुर्शीद ने एक बार फिर राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाए जाने की जरुरत बताई है। अपने हालिया बयान को लेकर पार्टी के अन्य नेताओं की टिप्पणी पर भी उन्होंने खरी-खोटी सुनाई है। उन्होंने कहा है कि जो मुझे ठीक से नहीं जानते हैं, वे मुझे नसीहत ना दें। 

विज्ञापन


राहुल गांधी के इस्तीफे को लेकर खुर्शीद ने पिछले दिनों कहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद हमने एकजुट होकर समीक्षा भी नहीं की और हमारे नेता (राहुल) हमे छोड़ गए। उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी की वर्तमान स्थिति जैसी है, वैसे में आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के लिए जीतना संभव नहीं है। 



उनके बयान के बाद पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा था कि लोगों को इस तरह की टिप्पणियां करने की जगह भाजपा सरकार की गलतियां उजागर करनी चाहिए। खुर्शीद के बयान पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी और अधीर रंजन चौधरी ने भी आपत्ति जताई थी। राशिद अल्वी ने उन्हें घर को आग लगाने वाला चिराग करार दिया था, जबकि अधीर रंजन चौधरी ने उन्हें बाहर बोलने की बजाय पार्टी के भीतर ही अपनी राय रखने की सलाह दी थी। 
विज्ञापन


कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया के बाद सलमान खुर्शीद ने एक लंबा फेसबुक पोस्ट लिखा है। उन्होंने कहा है कि जो उन्हें नहीं जानते, वे उन्हें नसीहत न दें। पूर्व विदेश मंत्री ने अपनी ही पार्टी के नेताओं की टिप्पणी पर कहा कि मैं हैरान हूं कि मुझे वो लोग नसीहत दे रहे हैं जो मेरी निजी वफादारी और राजनीतिक रणनीति के बारे बहुत मामूली जानते हैं। इसलिए मैं हमेशा के लिए उन्हें यह बताना चाहता हूं कि विश्वास और निष्ठा निजी पसंद से जुड़ी होती है।

Trending Videos
विज्ञापन

खुर्शीद ने कहा है कि राहुल गांधी को एक बार फिर पार्टी की कमान संभालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भाजपा नहीं बनना चाहिए और अपना अलग नजरिया और सोच बिना किसी डर के लोगों के समक्ष रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उन्हें निजी सम्मान की समझ है, इतिहास और लोकतंत्र की भी समझ है, इसलिए वह गांधी परिवार का समर्थन करते हैं। कहा कि महत्वपूर्ण क्षणों में रणनीतिक मौन उचित है लेकिन साथ ही आवाज उठाते रहना भी हमारे सामूहिक भविष्य के लिए जरूरी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें