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हाईवे के 500 मीटर के दायरे में ठेके होंगे या नहीं, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा फैसला

Fri, 31 Mar 2017 08:41 AM IST
amarujala.com-presented by:संदीप भट्ट
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एक अप्रैल से राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर केदायरे में शराब के दुकानें होंगी या नहीं, सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को इस पर फैसला करेगा। गुरुवार को सुनवाई के दौरान वकीलों की तरह-तरह की दलीलों को सुनने केबाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष गुरुवार को अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि एक अप्रैल से राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर केदायरे में ठेके पर पाबंदी केआदेश से तो कई राज्यों केबजट की ‘खटिया खड़ी’ हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि गत 15 दिसंबर केआदेश में खामियां हैं। कई बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कई शहर राज्य राजमार्गों से बिल्कुल सटे हुए हैं, ऐसे में वे लोग कहां जाएं। मालूम कि कुछ राज्य सहित अन्य संगठनों ने 15 अगस्त में फेरबदल की गुहार की है। 

कई वकीलों का यह कहना था कि कई राज्यों में तो यह स्थिति है कि राज्य राजमार्गों के 500 मीटर केदायरे या तो पहाड़ है या खाई। कई वकीलों का यह कहना था कि इस तरह की पाबंदी से राज्यों केराजस्व को भारी नुकसान होगा। उनका यह भी कहना था कि ऐसा नहीं है कि जिन राज्यों में शराब पर पाबंदी हैं, वहां भी राजमार्गों में दुघर्टनाएं होती हैं। अधिकतर वकीलों का कहना था कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर केदायरे लगभग हर शहर की सड़कें आ जाती हैं। हर शहर इसकेदायरे में आता है। एक वकील ने तो यह भी कहा कि कई राज्यों में शराब पीना तो रिवाज है।
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मालूम हो कि गत 15 दिसंबर के अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर केदायरे में एक अप्रैल, 2017 से शराब की दुकानें नहीं होंगी। साथ ही अदालत ने इस दायरे में शराब की दुकानों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी थी। 31 मार्च, 2017 केबाद राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे तक किसी भी शराब के ठेके का लाइसेंस नवीनीकरण पर पाबंदी लगा दी थी। साथ ही राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर शराब के दुकानों की मौजूदगी केसंकेतक या बोर्ड लगाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय केवर्ष 2015 के आंकड़े के मुताबिक, देश में हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है जबकि इससे तिगुनी संख्या में लोग घायल होते हैं। अधिकतर दुर्घटनाओं की वजह शराब पीकर वाहन चलाना है।
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