दरअसल, 2023 की तुलना में 2024 में भी एयर प्यूरीफायर निर्माताओं ने पिछले दो से तीन सप्ताह में प्यूरीफायर की बिक्री और पूछताछ में तेजी देखी है। आने वाले दिनों में एक्यूआई में वृद्धि के साथ इसमें और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। बाजारों में एयर प्यूरीफायर की सबसे ज्यादा बिक्री आमतौर पर अक्तूबर और नवंबर माह में बहुत ही चरम पर होती है।
राजधानी दिल्ली में दमघोंटू हवा का प्रकोप कम होता नहीं दिख रहा है। जहरीले प्रदूषक तत्वों ने दिल्ली-एनसीआर के आसमान पर धुंध की एक मोटी चादर छाई हुई है। हवा की गुणवत्ता अब भी गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। इस बीच दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के खतरनाक स्तर तक गिरने के कारण एयर प्यूरीफायर की मांग में जोरदार उछाल देखा गया है। कई निजी कंपनियों ने कहा कि,त्योहारी मौसम में एयर प्यूरीफायर की बिक्री में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है क्योंकि दिल्ली और आसपास के इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर की ओर बढ़ गया है।
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दरअसल, 2023 की तुलना में 2024 में भी एयर प्यूरीफायर निर्माताओं ने पिछले दो से तीन सप्ताह में प्यूरीफायर की बिक्री और पूछताछ में तेजी देखी है। आने वाले दिनों में एक्यूआई में वृद्धि के साथ इसमें और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। बाजारों में एयर प्यूरीफायर की सबसे ज्यादा बिक्री आमतौर पर अक्तूबर और नवंबर माह में बहुत ही चरम पर होती है।
राजधानी दिल्ली के इलेक्ट्रॉनिक कारोबार संघ से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि, इन दिनों देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का सबसे खराब दौर चल रहा है, ऐसे में दिल्ली एनसीआर में एयर प्यूरीफायर की मांग अचानक बढ़ गई है। आमतौर पर भारत में सर्दियों के मौसम के दौरान एयर प्यूरीफायर और फिल्टर की बिक्री में तेजी देखी जाती है। जैसे जैसे हवा की गुणवत्ता बेहतर होती जाएगी इसकी गिरावट भी कम होती जाती है।
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कारोबारियों का कहना है कि, देश के उत्तरी क्षेत्र में उपभोक्ताओं के व्यवहार में बदलाव भी देखने को मिला है। आम लोग स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा जागरूक हो रहे है। बढ़ते प्रदूषण के चलते वे घर के अंदर की हवा को साफ रखने पर ज्यादा जोर देते हुए दिखाई दे रहे है। त्योहारों के मौसम के दौरान बिक्री में लगभग 20-25 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। अक्टूबर की तुलना में नवंबर में एयर प्यूरीफायर और एयर प्यूरीफायर फिल्टर की बिक्री में तेज वृद्धि हुई है। पिछले महीने की तुलना में यह 50 प्रतिशत अधिक रही है। ईएमआर की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एयर प्यूरीफायर का बाजार वर्ष 2023 में 777.75 करोड़ रुपये का हो गया। इस रिपोर्ट कहा गया है कि 2024 और 2032 के बीच इस बाजार के सालाना 16.30 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।