सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उस याचिका का निपटारा कर दिया जिसमें डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ को वेतन का भुगतान करने की गुहार की गई थी। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने पाया कि याचिका में उठाए गए ज्यादातर मसलों का निपटारा किया जा चुका है। इस संबंध में आदेश पारित किया जा चुका है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता व याचिकाकर्ता के वकील ने भी कहा कि अब चंद मसले ही बचे हैं। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टर आरुषि जैन द्वारा दायर इस याचिका का निपटारा कर दिया।
पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के डॉक्टर व अन्य चिकित्सा कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। लेकिन पीठ को जानकारी दी गई कि इस मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है और हाईकोर्ट कुछ आदेश भी पारित कर चुका है। जिसके बाद पीठ ने कहा कि चूंकि इस मसलों पर दिल्ली हाईकोर्ट पहले से ही सुनवाई कर रहा है इसलिए अब हमारे द्वारा इसे सुनने का कोई मतलब नहीं है।
वरिष्ठ वकील केवी विश्वनाथन ने सुनवाई के दौरान आशा कर्मियों को वेतन न मिलने का मसला भी उठाया। इस पर पीठ ने कहा कि हमारे समक्ष जो याचिका दायर की गई थी, उससे इसका संबंध नहीं है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को उचित फोरम के पास जाने की सलाह दी है।