फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीरी युवाओं के लिए औलाद की तरह सोचते हैं मोदी : सज्जाद 

Sat, 27 Oct 2018 03:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कौशल कुमार ओझा 
विज्ञापन
नरेंद्र मोदी
विज्ञापन

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर कश्मीर के छात्रों के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कश्मीरी हाउस में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिले। मुलाकात के बाद सज्जाद सुभान रॉथर बहुत उत्साहित नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि बहुत कम समय में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जम्मू कश्मीर की समस्याओं को समझ लिया है और पूरी उम्मीद है कि निकट भविष्य में उसके अच्छे परिणाम आएंगे। सज्जाद सुभान रॉथर ने राज्यपाल के समक्ष कश्मीर के युवाओं एवं खासकर देश भर की यूनिवर्सिटी में फैले छात्र-छात्राओं से संबंधित समस्याओं को पेश किया। इसके साथ ही एएमयू सहित देश के तमाम यूनिवर्सिटी में जम्मू-कश्मीर सरकार का नोडल अधिकारी तैनात करने की मांग की ताकि द्विपक्षीय या पुलिस-प्रशासन से संबंधित मसले आएं तो उसका त्वरित समाधान हो सके। 

विज्ञापन


राज्यपाल से बातचीत का हवाला देकर सज्जाद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल कश्मीर के लिए नरम है। वह वहां के युवाओं को औलाद की तरह समझते हैं। वह चाहते हैं कि कश्मीर का युवा पढ़े और आगे बढ़े। जब-जब कश्मीर में हिंसक घटनाएं होती हैं तो उनका दिल दुखता है। सज्जाद कहते हैं कि रिसर्च स्कॉलर से आतंकी बने मन्नान बशीर वानी के वालिद भी चाहते थे कि वह उनके बुढ़ापे का लाठी बने। शाह फैसल की तरह आईएएस टॉपर बनकर अपने कौम को गुरबत और जहालत से निकाले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी तो यही चाहते हैं कि कश्मीर का युवा पढ़-लिखकर आगे बढ़े और देश के विकास में सहयोगी बने। सज्जाद सुभान रॉथर ने प्रधानमंत्री की नीतियों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद कश्मीर के युवा अधिक संख्या में आईएएस बन रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि जल्द ही वह मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वह चाहते है कि कश्मीर के युवा पत्थरबाजी एवं हिंसा छोड़कर पढ़ाई-लिखाई करें और कश्मीर एवं हिंदुस्तान के विकास में सहयोगी बनें। कुछ लोग कश्मीर के युवाओं को अंधेरे की ओर ले जाना चाहते हैं, जिसका अंत अच्छा नहीं है। उल्लेखनीय है कि चंद दिन पहले उन्होंने 1200 कश्मीरी छात्रों के साथ एएमयू छोड़ने की चेतावनी देकर खलबली मचा दी थी। उसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार एवं भाजपा की नीतियों को तारीफ कर कश्मीर के कुछ युवाओं की आलोचना झेल रहे हैं
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्यपाल को दिया सुझाव

- जम्मू-कश्मीर के छात्रों के लिए कुछ नए स्कालरशिप शुरू किये जाएं
- पहले से चल रहे स्कॉलरशिप को बढ़ाया जाए 
- सरकार के अतिरिक्त अन्य माध्यमों से मिल रहे फंडिंग (एनजीओ) को जारी रखा जाए
- देश के प्रत्येक यूनिवर्सिटी में कश्मीर सरकार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए 
- यूनिवर्सिटी आदि में कश्मीर के छात्रों के लिए हॉस्टल एवं होटल का समुचित इंतजाम किया जाए
- कश्मीरी युवाओं के प्रति नफरत फैलाना वाले मीडिया पर रोक लगाई जाए
- देश के टॉप मेडिकल व इंजीनियरिंग संस्थानों में कश्मीर के छात्रों के लिए आरक्षण का प्रावधान हो
- कश्मीर के यूथ को नेशनल एवं इंटरनेशनल लेवल सपोर्ट दिया जाए
- केंद्र सरकार की नौकरियों में कश्मीर के युवाओं को आरक्षण दिया जाए

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें