ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान और प्रसिद्ध बॉक्सर मुहम्मद अली दो ऐसी शख्सियते हैं जो मुस्लिम नहीं थे। उन्होंने बाद में इस्लाम को कबूल किया था। इन दोनों के ही नाम को केरला के मशहूर लव जिहाद केस में खींचा गया। यह तब हुआ जब लगातार जबरन धर्मांतरण की बात से मना करने के लिए भारतीय इस्लामी संगठन लोकप्रिय महिला मोर्चा की अध्यश्र एएस साईंनबा ने इन दोनों का उदाहरण देते हुए कहा कि लोग खुद ही इस्लाम को अपनाते हैं।
साईंनबा की टिप्पणी को हादिया केस में दाखिल किए गए एफिडेविट में जगह दी गई है। अपने एफिडेविट में उन्होंने कहा- दुनिया के विभिन्न क्षेत्र की मशहूर हस्तियों ने अपनी इच्छा से इस्लाम को कबूल किया है ना कि जबर्दस्ती और ब्रेन वॉश की वजह से। केरला की मशहूर कवियित्री माधवीकुट्टी ने 65 साल की उम्र में इस्लाम अपनाकर अपना काम कमला सुरैया रख लिया था। एआर रहमान ने अपने परिवार के साथ और मुहम्मद अली ने भी अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म को स्वीकारा था।
साईंनबा ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि हिंदू संगठनों द्वारा किए जाने वाली घर वापसी के मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा- घर वापसी के नाम पर वे महिलाएं और पुरुष जो अतंरजातीय और अंतरधर्म विवाह करते हैं उन्हें जबरन हिंदू बनाया जाता है। बता दें कि
हादिया ने कोर्ट से कहा है कि वह मुस्लिम है और मुस्लिम ही बने रहना चाहती है। उसने कहा कि उसने अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म कुबूल किया है और शादी की है। उसने कहा है कि वह अपने पति के साथ जीवन व्यतीत करना चाहती है।