लखनऊ में सैफुल्ला के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद उसके परिजन परेशान हैं, क्योंकि वो जानना चाहते हैं कि सैफुल्ला इस राह को क्यों चुना। क्या 22 वर्षीय सैफुल्ला आंतकी संगठन ISIS को स्वीकर किया और देश के खिलाफ खड़ा हो गया था? उसके परिवार इस सवाल के उतर पाने की कोशिश में लगे हैं। अपने दूसरे वर्ष के बाद बैचलर ऑफ कॉमर्स कोर्स छोड़ने के बाद सैफुल्ला दो महीने पहले मुंबई गया था।
सैफुल्ला ने अपने परिवार से कहा था कि यात्रा वीजा के लिए मुंबई जा रहा हूं, क्योंकि वह सऊदी अरब में काम के सिलसिले में जाना चाहता था। उसके भाई खालिद मोहम्मद ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि शायद यही वो जगह हैं जहां उन लोगों ने उसे मुलाकात की थी। मैं चाहता हूं कि पुलिस उन्हें ढूंढें और उन्हें सजा दे।
पुलिस ने एनकाउंटर से पहले उसके बड़े भाई से फोन पर बात करवाई थी। उसके भाई ने बताया कि सैफुल्ला के सरेंडर करने के लिए पुलिस ने मुझसे सहयोग लिया और करीब डेढ़ घंटे तक उससे बात करवाई। उसने बताया कि मैंने समझाया कि वह सरेंडर कर दे, लेकिन सैफुल्ला नहीं माना। आखिरकार 12 घंटे तक चले एनकाउंटर के बाद कमांडो ने उसे मार गिराया।
सैफुल्ला तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके दोनों बड़े भाई और उसके पिता स्थानीय चमड़े की कारखानों में काम करते हैं। सैफुल्ला के परिवार ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया है। हालांकि दूसरे परिजनों का कुछ और कहना है। सैफुल्ला के पिता का कहना है कि "हम लोग भारत में रहते हैं। उसने देश के खिलाफ काम किया। वह देशद्रोही था। हम उसका शव लेकर क्या करेंगे।