सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज को हिरासत में रखने से संबंधित उनकी पत्नी मुमताजउनशिना की याचिका पर आगे विचार करने से इनकार कर दिया। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा कि कांग्रेस नेता न तो हिरासत में हैं न ही उन्हें नजरबंद रखा गया है। सोज की पत्नी ने हैबियस कॉरपस याचिका में कहा था कि उनके पति को पिछले साल अगस्त से हिरासत में रखा गया है।
जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने जम्मू-कश्मीर के विशेष सचिव (गृह) की ओर से दायर हलफनामे पर गौर करने के बाद इस याचिका का निपटारा कर दिया। हलफनामे में कहा गया था कि सोज तो न नजरबंद हैं और न ही उन्हें हिरासत में रखा गया है। कांग्रेस नेता को हिरासत में रखने और नजरबंद करने का आरोप पूरी तरह से गलत व बेबुनियाद है।
किसी तरह से उनके मौलिक अधिकार और सांविधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं हुआ है। हलफनामे में यह भी कहा गया कि इस अवधि के दौरान सोज कई बार जम्मू-कश्मीर से बाहर गए। यहां तक कि वह दिल्ली भी आए थे। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हलफनामे में कही गई बातों में पूरी तरह से सच्चाई नहीं है। हालांकि, पीठ ने इस मामले को यहीं खत्म करने का निर्णय लिया।