मालेगांव ब्लास्ट मामले में एनआईए ने मंगलवार को बाम्बे हाईकोर्ट में साध्वी प्रज्ञा की बेल की याचिका के खिलाफ ऑडियो और विडियो क्लिप पेश किए थे। लेकिन इसमें नया मोड़ तब आया जब एनआईए द्वारा पेश किए गए सबूतों में से एक सीडी टूटी हुई निकली और एक में केवल आवाज ही सुनाई दे रही थी।
दरअसल हमले के बाद जांच एजेंसी एटीएस ने उस वक्त मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर सहित 14 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था और सबूत के तौर पर कुछ सीडी पेश की थीं। कहा गया था कि इन सीडी में साध्वी प्रज्ञा के साजिश की बैठकों में शामिल होने के सबूत हैं। मंगलवार को एनआईए ने ट्रायल कोर्ट से सभी सीडी मंगाकर बाम्बे हाईकोर्ट में पेश कीं थी।
जिसके बाद एनआईए की मांग पर जस्टिस मोरे और शालिनी फंसलकर जोशी की बेंच ने बंद कमरे में सीडी देखी लेकिन सबूत के तौर पेश की गई सीडी टूटी हुई निकली जबकि एक में केवल आवाज ही थी। हालांकि कोर्ट ने कहा कि पेश की गईं सीडी का साध्वी की जमानत याचिका मंजूर न करने से कोई संबंध नही है।
जिसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने मालेगांव बम धमाकों की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की जमानत याचिका मंजूर कर ली।