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मालेगांव ब्लास्टः NIA ने पेश की टूटी हुई सीडी, साध्वी की जमानत याचिका मंजूर

Wed, 08 Feb 2017 12:50 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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मालेगांव ब्लास्ट मामले में एनआईए ने मंगलवार को बाम्बे हाईकोर्ट में साध्वी प्रज्ञा की बेल की याचिका के खिलाफ ऑडियो और विडियो क्लिप पेश किए थे। लेकिन इसमें नया मोड़ तब आया जब एनआईए द्वारा पेश किए गए सबूतों में से एक सीडी टूटी हुई निकली और एक में केवल आवाज ही सुनाई दे रही थी।
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दरअसल हमले के बाद जांच एजेंसी एटीएस ने उस वक्त मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर सहित 14 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था और सबूत के तौर पर कुछ सीडी पेश की थीं। कहा गया था कि इन सीडी में साध्वी प्रज्ञा के साजिश की बैठकों में शामिल होने के सबूत हैं। मंगलवार को एनआईए ने ट्रायल कोर्ट से सभी सीडी मंगाकर बाम्बे हाईकोर्ट में पेश कीं थी।

जिसके बाद एनआईए की मांग पर जस्टिस मोरे और शालिनी फंसलकर जोशी की बेंच ने बंद कमरे में सीडी देखी लेकिन सबूत के तौर पेश की गई सीडी टूटी हुई निकली जबकि एक में केवल आवाज ही थी। हालांकि कोर्ट ने कहा कि पेश की गईं सीडी का साध्वी की जमानत याचिका मंजूर न करने से कोई संबंध नही है।
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जिसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने मालेगांव बम धमाकों की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की जमानत याचिका मंजूर कर ली। 
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'मालेगांव धमाकों में मारे गए थे चार लोग'

- फोटो : getty
अब जमानत अर्जी पर अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी। इससे पहले इस मामले में सुनवाई के दौरान एनआईए ने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा था कि यदि कोर्ट आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को जमानत देती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं होगी। 

आपको बता दें कि साध्वी ने निचली आदालत में जमानत के लिए याचिका दायर की थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने निचली अदालत के इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 

साध्वी में अपनी अर्जी में कहा कि वह पिछले छह वर्षो से जेल में है। देश की दो जांच एजेंसियों ने कोर्ट में अलग- अलग निष्कर्ष पेश किए। इस स्थित‌‌ि में उन्हें जेल में रखना ठीक नहीं है। गौरतलब है कि मालेगांव में 2008 में हुए इन धमाकों में चार लोग मारे गए थे जबकि 79 घायल हुए थे।

महाराष्ट्र एटीएस ने इस मामले में 14 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। इनमें साध्वी प्रज्ञा और लेफ्टिनेंट कर्नल एस पुरोहित भी शामिल थे।
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