विश्व हिंदू परिषद की फायरब्रांड नेत्री साध्वी प्राची ने प्रधानमंत्री के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है जिसमें उन्होंने गोरक्षा के नाम पर कुछ लोगों द्वारा गोरखधंधा चलाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यह नहीं भूलना चाहिए कि गोरक्षकों के दम पर ही वह प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने कहा कि गोरक्षक अपना सिर कटाने को सदैव तैयार रहते हैं, मगर सत्ता की कुर्सी पर काबिज होने वाले नेता क्षणिक सुख पाते ही आरोप-प्रत्यारोप मढ़ने लगते हैं।
विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस पर बुधवार को हादीहाल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने आई साध्वी प्राची ने आक्रामक लहजे में कहा कि देश अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के चरखा चलाने से नहीं आजाद हुआ था, बल्कि सरदार भगत सिंह, सुखेदव जैसे वीरों की कुर्बानी से हुआ।
उन्होंने कहा कि देश में होने वाला कोई भी परिवर्तन सिर्फ युवाओं के आंदोलन से ही संभव है। जाली वाली टोपी लगाने वाले खाते-पीते और सांस लेते हैं भारत में, मगर गुणगान पाकिस्तान की करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत माता की जय बोलने और सूर्य नमस्कार करने में परहेज करने वालों को देश में रहने का अधिकार नहीं है।