रविवार को 11 महिलाओं के एक समूह ने जंगल के रास्ते से मंदिर के अंदर जाने की कोशिश की थी। 50 साल से उम्र वाली इन महिलाओं को प्रदर्शनकारियों ने मंदिर में प्रवेश करने नहीं दिया। प्रदर्शनकारियों के भारी विरोध को देखते हुए उन्हें पुलिस की मौजूदगी में मंदिर से पांच किलोमीटर पहले स्थित बेस कैंप से बाहर निकाला गया था। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।
11 महिलाओं के समूह में से एक महिला थिलाकावाथी का कहना था, 'हम तब तक प्रदर्शन करेंगे जब तक हमें मंदिर के अंदर भगवान अयप्पा के दर्शन नहीं करने दिया जाता। पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हमें वापस जाने को कहा लेकिन हम नहीं जाने वाले। हमारे समूह के अन्य सदस्य भी जल्द आने वाले हैं। पंबा के स्थानीय मंदिर के पुजारी हमें समर्थन नहीं दे रहे और परंपरा के हिसाब से हमें पूजा नहीं करने दी जा रही है।'
बता दें सबरीमाला मंदिर में 10-50 आयु वर्ग की महिलाओं के आने पर बहुत पुराने समय से प्रतिबंध लगा हुआ है। लेकिन देश की सर्वोच्च अदालत ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए सभी महिलाओं पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था। 28 सितंबर को आए इस फैसले के बाद से ही कई महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश की कोशिश की लेकिन वह नाकाम रहीं। उसी दिन से यहां अदालत के फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है।