त्रावणकोर देवासम बोर्ड के नए अध्यक्ष के. जयकुमार ने शनिवार को कहा कि उनके नेतृत्व वाला प्रशासनिक पैनल श्रद्धालुओं के भरोसे को बहाल करने और उसे बनाए रखने के लिए कदम उठाएगा। के. जयकुमार ने अगले दो साल के लिए बोर्ड के अध्यक्ष पद की शपथ ली।
जयकुमार ने कहा कि वह बोर्ड के काम में आ रही दिक्कतों को जानते हैं और यह उनकी निजी ताकत है, जिससे वह आगे बढ़ सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह के बाद उन्होंने कहा कि मैं इन मुद्दों पर कार्रवाई करूंगा। सबरीमला में के सोने की चोरी जैसे हालिया विवादों के सवाल पर उन्होंने कहा कि बोर्ड के प्रशासन में किसी भी अनुचित गतिविधि को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा, "यह सच है कि विश्वास की कमी है। इसमें कोई शक नहीं है कि हर दिन आने वाली खबरें भक्तों के मन को गहरा दुख पहुंचाती हैं।" टीडीबी अध्यक्ष ने कहा, "भक्तों का यह विश्वास कैसे टूटा? क्योंकि, वहां कुछ अनुचित चीजें हो रही हैं। बोर्ड का नेतृत्व करने वाले प्रशासनिक पैनल को वहां ऐसी किसी भी चीज की अनुमति न देने का कड़ा फैसला लेना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि मैं टीडीबी के प्रशासन को पूरी तरह से पारदर्शी बनाना चाहता हूं। 17 नवंबर से शुरू होने वाले आगामी मंडलम-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा से पहले सबरीमला में चल रही तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर जयकुमार ने कहा कि वह आगामी रविवार को पहाड़ी मंदिर का दौरा करेंगे और इस बारे में एक समीक्षा बैठक करेंगे।
उन्होंने कहा, ''अवैध चीजों को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। भक्तों के लिए सही और उचित चीजें करने के साथ उनका विश्वास बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाएंगे।'' जयकुमार के अलावा वरिष्ठ सीपीआई नेता और पूर्व मंत्री के. राजू ने भी बोर्ड के सदस्य के तौर पर शपथ ली। बोर्ड के अध्यक्ष पी. एस. प्रशांत का कार्यकाल खत्म होने के बाद पूर्व मुख्य सचिव जयकुमार को टीडीबी का नया अध्यक्ष बनाया गया है।
सरकारी नौकरी के दौरान जयकुमार एक साल के लिए सबरीमला में देवासम के विशेष आयुक्त के तौर पर सेवा दे चुके हैं। केरल के मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने एक यूनिवर्सिटी में कुलपति का पद भी संभाला था।
सरकार की ओर से पूर्व नौकरशाह को सबरीमला मंदिर में सोने की चोरी के विवाद के बाद टीडीबी का अध्यक्ष बनाया गया है। टीडीबी के अंतर्गत सबरीमला जैसे धार्मिक स्थलों के साथ सैकड़ों मंदिरों के प्रबंधन का काम आता है।