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सबरीमाला मंदिर घी घोटाला: केरल उच्च न्यायालय ने विजिलेंस ब्यूरो को 30 दिन का समय और दिया, इस वजह से मिली मोहलत

Fri, 10 Apr 2026 11:13 AM IST
Asmita Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

सबरीमाला मंदिर घी घोटाला के मामले में केरल उच्च नयायालय ने विजिलेंस ब्यूरो को 30 दिन का अधिक समय दिया है। जानें किस वजह से मिली मोहलत...
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सबरीमाला मंदिर - फोटो : PTI
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विस्तार
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केरल उच्च न्यायालय ने सबरीमाला के भगवान अयप्पा मंदिर में 'अडिया शिष्टम घी' की बिक्री से जुड़े कथित धन के घोटाला की जांच पूरी करने के लिए विजिलेंस ब्यूरो को 30 दिन का अधिक समय दिया है। यह मामला त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के कर्मचारियों की ओर से धन के कथित दुरुपयोग से संबंधित है। विजिलेंस और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने अदालत को बताया कि इस घोटाले में टीडीबी के 9 और कर्मचारी संदिग्ध हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जानी है। इस वजह से और समय की मांंग की गई है।

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ब्यूरो ने शुरुआत में इस कथित घोटाला के संबंध में 33 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। वीएसीबी ने अदालत को यह भी बताया कि टीडीबी द्वारा अभिलेखों का लापरवाहीऔर अनुचित रखरखाव जांच की में बाधा डाल रहा है। इससे निर्धारित समय के भीतर जांच पूरी करना मुश्किल हो गया है। जांच एजेंसी की दलीलों पर ध्यान देते हुए, न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और न्यायमूर्ति के वी जयकुमार की पीठ ने कहा कि वह अतिरिक्त समय के अनुरोध से संतुष्ट है। पीठ ने निर्देश दिया, "जांच पूरी करने के लिए 30 दिन की अधिकअवधि दी जाती है। हम ब्यूरो को अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने से पहले इस अदालत की अनुमति लेने का निर्देश देते हैं।" अदालत ने वीएसीबी को एक व्यापक और गहन जांच करने का भी निर्देश दिया, जिसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका को साफ रूप से पहचान कर तय करने और कानून के अनुसार आगे बढ़ने को कहा गया, ताकि बिना किसी देरी के उचित कार्रवाई की जा सके।

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मामले की पृष्ठभूमि

अदालत ने जनवरी में वीएसीबी को मामला दर्ज करने और जांच के लिए "ईमानदार और सक्षम अधिकारियों" की एक टीम गठित करने का निर्देश दिया था। ये आदेश अदालत ने खुद एक याचिका पर दिए थे, जो टीडीबी के मुख्य विजिलेंस और सुरक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के बाद शुरू की गई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि मंदिर में बेचे गए 16,628 घी के पैकेट की बिक्री से प्राप्त राशि देवस्वोम खाते में जमा नहीं की गई थी।

राजस्व हानि और जांच की चुनौतियां

रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि 27 दिसंबर, 2025 से 2 जनवरी, 2026 की अवधि के दौरान 22,565 घी के पैकेट की कमी थी। इसके कारण देवस्वोम को 22,65,500 रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। टीडीबी द्वारा अभिलेखों का अनुचित रखरखाव जांच में एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। अदालत ने ब्यूरो को सभी संदिग्धों की भूमिका स्पष्ट करने का निर्देश दिया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कानून के अनुसार उचित कार्रवाई हो।


 

 

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