LDF Vs UDF: सबरीमाला सोना चोरी मामले और तंत्री राजीवारू की गिरफ्तारी को लेकर केरल विधानसभा में भारी हंगामा हुआ। यूडीएफ ने सरकार के रुख के विरोध में सदन की कार्यवाही में असहयोग का एलान किया। विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग की। सरकार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच हाईकोर्ट की निगरानी में हो रही है।
सबरीमाला सोना गुमशुदगी मामले और तंत्री कंदरारू राजीवारू की गिरफ्तारी को लेकर केरल विधानसभा में सोमवार को जोरदार टकराव देखने को मिला। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्तारूढ़ एलडीएफ और विपक्षी यूडीएफ आमने-सामने आ गए। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने साफ कहा कि सरकार के रुख के खिलाफ वह सदन की कार्यवाही में सहयोग नहीं करेगा।
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जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, यूडीएफ सदस्यों ने स्पीकर को अपनी आपत्ति से अवगत कराया। उन्होंने देवस्वम मंत्री वी एन वसवन के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की और तख्तियां लहराईं। विपक्षी सदस्य स्पीकर के आसन के सामने धरने पर बैठ गए। विपक्ष के नेता वी डी सतीशन की अनुपस्थिति में वरिष्ठ विधायक के बाबू ने सरकार पर तीखा हमला बोला।
गिरफ्तारी और जांच पर सवाल
के बाबू ने कहा कि तंत्री राजीवारू को बिना ठोस सबूत के गिरफ्तार किया गया और 40 दिन तक जेल में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर सरकार के रुख का समर्थन न करने की वजह से कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी कहा कि ग्लोबल अयप्पा संगमम कार्यक्रम में कथित अनियमितताएं हुईं।
सरकार का पलटवार
कानून मंत्री पी राजीव और संसदीय कार्य मंत्री एम बी राजेश ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया। राजीव ने कहा कि हाईकोर्ट की निगरानी में विशेष जांच दल जांच कर रहा है और रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत को दी जा रही है। सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूडीएफ राजनीतिक एजेंडे के तहत आंदोलन कर रहा है। मंत्री राजेश ने भी कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और किसी को विशेष छूट नहीं दी जा सकती।