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Kerala: सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी पर विवाद बढ़ा, विधानसभा में हंगामे के बाद हाईकोर्ट ने गठित की जांच समिति

Mon, 06 Oct 2025 11:37 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

केरल विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विधायकों से बार-बार अपनी सीटों पर लौटने के अनुरोध के बावजूद, विरोध प्रदर्शन तेज हो गया, जिसके बाद कुछ मंत्रियों सहित सत्तारूढ़ सदस्य भी खड़े हो गए और बोलने लगे, जिससे हंगामा बढ़ गया। बाद में, अध्यक्ष ने सत्र स्थगित कर दिया।
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सबरीमाला मंदिर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केरल के सबरीमाला मंदिर में सोने की परत के विवाद में सोमवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन यूडीएफ के सदस्यों ने प्रश्नकाल को बाधित किया और सबरीमाला मंदिर विवाद पर राज्य के देवास्वम मंत्री वीएन वासावन के इस्तीफे की मांग की। विपक्षी नेताओं ने अध्यक्ष के आसन के सामने नारेबाजी की। 
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विधानसभा की कार्यवाही हंगामे के चलते स्थगित हुई
सोमवार को केरल विधानसभा का सत्र शुरू होते ही, विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने त्रावणकोर देवास्वम बोर्ड (टीडीबी) पर लगे आरोपों का मुद्दा उठाया। उन्होंने देवास्वम मंत्री वी एन वासवन के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि विपक्ष को पहले इस मुद्दे को उठाने की अनुमति नहीं दी गई थी। जब विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष की मांग को नजरअंदाज कर दिया और प्रश्नकाल शुरू किया, तो यूडीएफ सदस्य आसन के सामने आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी नेताओं ने अध्यक्ष के आसन के सामने एक बैनर लहराया, जिस पर लिखा था, 'जिन लोगों ने भगवान अयप्पा का सोना चुराया है, वे अम्बलम विझुंगिकल (मंदिर चोर) हैं।'

विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विधायकों से बार-बार अपनी सीटों पर लौटने के अनुरोध के बावजूद, विरोध प्रदर्शन तेज हो गया, जिसके बाद कुछ मंत्रियों सहित सत्तारूढ़ सदस्य भी खड़े हो गए और बोलने लगे, जिससे हंगामा बढ़ गया। बाद में, अध्यक्ष ने सत्र स्थगित कर दिया। विधानसभा में विपक्ष का यह विरोध सबरीमाला में द्वारपालक की मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ाने को लेकर चल रहे विवाद के बाद हुआ।
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जांच के लिए हाईकोर्ट ने समिति गठित करने का आदेश दिया
केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति गठित करने का आदेश दिया है। जांच समिति का नेतृत्व पूर्व पुलिस अधीक्षक एस शशीधरन करेंगे। इनके अलावा समिति में क्राइम ब्रांच के मुख्य अतिरिक्त महानिदेशक एच वेंकटेश और तीन इंस्पेक्टर शामिल होंगे। जांच समिति में साइबर विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जांच समिति की रिपोर्ट गोपनीय रहनी चाहिए और ये लीक नहीं होनी चाहिए।  

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क्या है विवाद
कांग्रेस विधायक और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'यह बहुत गंभीर मामला है। यूबी ग्रुप और विजय माल्या ने सबरीमाला मंदिर में विभिन्न चीजों पर सोने की परत चढ़ाने के लिए 30 किलो से ज्यादा सोना दान किया था। दुर्भाग्य से, कुछ बिचौलियों के जरिए उसमें से 5 किलो से ज्यादा सोना लूट लिया गया। हमें लगता है कि आगे की जांच से चुराए गए सोने का सही वजन पता चलेगा, जो कहीं ज्यादा होगा। देवास्वम बोर्ड और सरकार को इसकी जानकारी थी, लेकिन उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की। देवास्वम बोर्ड के सदस्य और सरकार के कुछ लोग इसमें शामिल हैं। उन्होंने लंबे समय तक इस बात को छिपाने की कोशिश की। हाईकोर्ट के दखल की वजह से यह मामला सामने आया। हमारी मांग है कि इस मामले की जांच केरल हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए।'

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