सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोना गुमशुदगी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने शनिवार को यूडीएफ संयोजक और कांग्रेस सांसद अदूर प्रकाश से पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। नोटिस मिलने के बाद अदूर प्रकाश शनिवार सुबह क्राइम ब्रांच मुख्यालय पहुंचे। एसआईटी ने उनसे करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद वह दोपहर करीब 1 बजे कार्यालय से बाहर निकले। इस मामले में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी, जिन्हें हाल ही में वैधानिक जमानत मिली है, से भी एसआईटी ने अलग से पूछताछ की।
पूछताछ के बाद अदूर प्रकाश का बयान
मीडिया से बातचीत में अदूर प्रकाश ने कहा कि वह शुक्रवार को कासरगोड से लौटे थे, तभी SIT ने उनसे कुछ मामलों में स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा जैसा निर्देश दिया गया था, मैं आज यहां आया। सभी सवालों के स्पष्ट जवाब दिए हैं। अब उन जवाबों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या एसआईटी ने उनसे उन्नीकृष्णन पोट्टी से उनके संबंधों को लेकर सवाल किए, तो उन्होंने स्वीकार किया कि इस विषय पर चर्चा हुई और सभी विवरण टीम को दर्ज कराए गए। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि पूछताछ के दौरान किसी भी तरह के वित्तीय लेनदेन से जुड़े सवाल नहीं पूछे गए। अदूर प्रकाश ने यह भी कहा कि पूछताछ पोट्टी की मौजूदगी में नहीं हुई और उन्होंने एसआईटी की कार्रवाई के पीछे किसी भी राजनीतिक मंशा से इनकार किया।
आरोप-प्रत्यारोप तेज
यह मामला तब और राजनीतिक रंग ले गया जब एलडीएफ ने अदूर प्रकाश पर आरोप लगाए। आरोप एक तस्वीर सामने आने के बाद लगे, जिसमें अदूर प्रकाश और मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात करते नजर आए थे। इस पर सफाई देते हुए अदूर प्रकाश ने कहा कि वह पोट्टी को लंबे समय से जानते हैं और उन्होंने उनके द्वारा आयोजित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है, लेकिन सबरीमाला सोना गुमशुदगी मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पोट्टी उनके संसदीय क्षेत्र के निवासी हैं और वह उन्हें एक अयप्पा भक्त के रूप में जानते हैं।
कांग्रेस का रुख
कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि एसआईटी किसी से भी पूछताछ करने के लिए स्वतंत्र है और कानून को अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने कहा केरल की जनता जानती है कि सबरीमाला से सोना किसने चुराया और कौन आरोपियों को बचा रहा है। आने वाले दिनों में सच्चाई सामने आएगी।
हाईकोर्ट के निर्देश पर बनी SIT
गौरतलब है कि केरल हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी, सबरीमाला मंदिर के द्वारपालक मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों से सोना गायब होने से जुड़े दो मामलों की जांच कर रही है। अब तक इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें CPI(M) से जुड़े त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के दो पूर्व अध्यक्ष भी शामिल हैं।
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