उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान को कूटनीतिक मोर्चे पर पटखनी देने में भारत को सफलता मिलती दिखाई दे रही है। भारत की नाराजगी और सार्क सम्मेलन में ना जाने के फैसले के बाद 19वां सार्क सम्मेलन रद्द हो गया। आतंकवाद पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की मुहिम में भारत के बहिष्कार के बाद अफगानिस्तान, भूटान और बांग्लादेश भी उसके साथ आ गए। शुक्रवार को श्रीलंका ने भी सार्क में जाने से इनकार कर दिया।
हालांकि मौजूदा सार्क अध्यक्ष नेपाल सम्मेलन की जगह पाकिस्तान से बदलने की बात कहकर उसे बचाने की कोशिश में जुटा रहा। वर्तमान में 8 देशों के इस गुट में अब पाकिस्तान के साथ नेपाल, श्रीलंका और मालदीव ही बचे हैं। हालांकि सम्मेलन रद्द होने को पाकिस्तान ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
1985 में बने इस गुट में भारत सबसे बडा सदस्य है। नए नियम के मुताबिक सभी देशों की मौजूदगी में ही सम्मेलन हो सकता है वरना इसे रद्द करना पड़ेगा। भारत के सम्मेलन से बहिष्कार के बाद अन्य तीन देशों के साथ आने से सम्मेलन के ना होने की बात स्पष्ट हो गई है। हालांकि अभी सम्मेलन के रद्द होने का औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है।