प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तावित भारत की महत्वकांक्षी योजना के तहत दक्षिण एशियाई सेटेलाइट अगले साल मार्च में लांच की जाएगी। इसरो के चेयरमैन ए एस किरन ने मंगलवार को इस बात की सूचना दी। हालांकि पहले यह सैटेलाइट इस वर्ष दिसंबर में लांच होने वाली थी।
नवंबर 2014 को नेपाल में हुए सार्क सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्क सदस्यों को टेलीकम्यूनिकेशन, टेलीमेडिसिन समेत कई अन्य क्षेत्रों में सुविधा पहुंचाने हेतु उपहार के रूप से सार्क सेटेलाइट स्थापित करने की बात कही थी।
पाकिस्तान के इस परियोजना से अलग होने के बाद इसे साउथ एशियन सेटेलाइट का नाम दिया गया है। इसके पहले भारत ने इस सेटेलाइट के तौर तरीकों पर विचार-विमर्श करके इसे अंतिम रूप देने के लिए विशेषज्ञों और सार्क सदस्यों के साथ बैठक की थी।
दिसंबर में जीएसएलवी मार्क तृतीय का प्रक्षेपण किया जाना है। इसरो के अध्यक्ष ए एस किरण कुमार ने बताया कि इसकी तैयारियां जोरों पर हैं और इसके लिए श्रीहरिकोटा स्थित प्रक्षेपण स्थल पर सामान पहुंचाया जा रहा है।
हम जल्द से जल्द काम करने के लिए प्रयासरत हैं और हमने दिसंबर के अंत तक प्रक्षेपण का लक्ष्य रखा है। इसरो दरा आयोजित स्पोर्ट्स मीट के मौके पर विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक ने इसरो के 14 केंद्रों से आए करीब 1,000 खिलाड़ियों को भी संबोधित किया।