सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला हो, अमन कायम रहे
आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्य ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन था, जिसमें सबसे बड़े और संवेदनशील मामले की सुनवाई पूरी हुई है।
हमारी आस्था शीर्ष अदालत की न्याय प्रणाली पर है, उम्मीद है सुप्रीम कोर्ट का फैसला जो भी आएगा वह हक और इंसाफ की बुनियाद पर होगा। इस फैसले को लेकर देश के साथ ही दुनिया की निगाह भी लगी हुई है, हमारी देश की जनता से अपील है कि शीर्ष अदालत का जो भी फैसला हो अमन कायम रखें।
मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने दावा वापस नहीं लिया है। बल्कि मध्यस्थता कमेटी के सामने एक सुझाव रखा है। कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। अब एक महीने में किसी भी दिन फैसला सुना दिया जाएगा। लिहाजा दोनों समुदाय के लोग गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखें और सम्मान के साथ फैसले को कबूल करें।
आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि हमें उम्मीद है कि जल्द ही अयोध्या मामले का मुकम्मल हल निकलेगा। देश की जनता को देश की सर्वोच्च अदालत और संविधान पर पूरा भरोसा है। फैसला जो भी हो, हर भारतीय को उसका स्वागत करना चाहिए। जिसको देश के संविधान पर भरोसा नहीं उसको मुल्क में रहने का अधिकार नहीं है।
काजी-ए-शहर के मुफ्ती इरफान मियां फरंगी महल सुनवाई के अंतिम दिन सुन्नी वक्फ बोर्ड भले ही अपने स्टैंड से मुकर जाए, लेकिन बाबरी मस्जिद का मामला देश के करोड़ों मुसलमानों के दिलों से जुड़ा है। जहां तक फैसले का सवाल है, तो माननीय सर्वोच्च न्यायालय अयोध्या मामले को लेकर जो भी फैसला देगा, वह हम सभी को मान्य होगा।