फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

S Jaishankar: 'मैं चीनी राजदूत को बुलाकर नहीं पूछता...', विदेश मंत्री ने बिना नाम लिए राहुल पर साधा निशाना

Sat, 28 Jan 2023 09:03 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

विदेश मंत्री ने कहा, पाकिस्तान में जो कुछ भी हो रहा है, उसके बारे में सार्वजनिक रूप से बोलना मेरे लिए सही नहीं होगा। इसके अलावा सिंधु जल संधि पर उन्होंने कहा, यह एक तकनीकी मामला है।
विज्ञापन
विदेश मंत्री एस जयशंकर। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को विपक्ष पर निशाना साधा। पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने चीन द्वारा भारतीय की जमीन पर कब्जे के विपक्षी दावे पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, विपक्ष अगर किसी जमीन की बात करता है, तो यह जमीन चीन ने 1962 में कब्जाई थी, यह बात विपक्ष नहीं बताता। बल्कि, वह इसे इस तरह दिखाता है कि यह कल-परसों हुआ है। 

विज्ञापन


विदेश मंत्री ने कहा, अगर मेरी सोच में कमी है तो मैं अपनी फौज और इंटेलिजेंस के अधिकारियों से इस बारे में बात करूंगा, लेकिन मैं चीनी राजदूत को बुलाकर अपनी खबर के लिए नहीं पूछता हूं। 
 
पाकिस्तान पर बोलना सही नहीं 
विदेश मंत्री ने कहा, पाकिस्तान में जो कुछ भी हो रहा है, उसके बारे में सार्वजनिक रूप से बोलना मेरे लिए सही नहीं होगा। इसके अलावा सिंधु जल संधि पर उन्होंने कहा, यह एक तकनीकी मामला है। दोनों देशों के सिंधु आयुक्त इस पर बात करेंगे। हम उसके बाद ही अपने भविष्य के कदमों पर चर्चा कर सकते हैं। 
विज्ञापन


दुनिया वाले भारत आकर देखें बदलाव
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस दौरान जी-20 सम्मेलन पर भी बात की। उन्होंने कहा, इस बार जी-20 में 200 बैठके होंगी। इन बैठकों के माध्यम से हम दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि भारत में आकर बदलाव को देखिए। दुनिया के लिए भारत के उत्साह और सकारात्मकता को देखिए। 


जयशंकर की पुस्तक का हुआ विमोचन 
विदेश मंत्री एस जयश्ंकर की पुस्तक द इंडिया वे के मराठी अनुसाद का शनिवार को विमोचन हुआ। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दबाव के बिना एक स्पष्ट और मजबूत विदेश नीति बनाई है। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री ने पुस्तक में विदेश नीति के तीन प्रमुख तत्वों का उल्लेख किया है, जिसमें भारत का विभाजन जिसने हमें कमजोर बनाया और परमाणु नीति शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया में मजबूती से खड़ा है और जो देश रूस या अमेरिका के दबाव में नहीं रहना चाहते, उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व में दृढ़ विश्वास जताया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें