विदेशमंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि भारत के लिए चीन कई मायनों में ‘चुनौतीपूर्ण’ पड़ोसी है और उन्होंने हमेशा उस देश की तरक्की से सबक सीखें हैं।
एक कार्यक्रम में उन्होंने हाल ही में जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम करार के पालन संबंधी भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच बनी सहमति को ‘समझदारपूर्ण’ कदम करार दिया।
उन्होंने कहा कि हम हमेशा से पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी के संबंध चाहते रहे हैं। सभी जानते हैं कि इसका क्या मतलब है? यदि उस दिशा में बढ़ने का ऐसा ही रुख रहा तो हम इसका स्वागत करेंगे।
तालिबान के साथ भारत के वार्ता करने पर उन्होंने कहा कि भारत साफ तौर पर एक संप्रभु लोकतांत्रिक और समावेशी अफगानिस्तान देखना चाहता है जो अपने अल्पसंख्यकों के हितों का भी ध्यान रखे।
उन्होंने कहा कि वहां पर अभी शांति और सुलह प्रक्रिया चल रही है और हर कोई कह रहा है कि इसमें तालिबान शामिल हो रहा है और वहां बदलाव हो रहा है। अभी हमें इंतजार करना होगा।