विदेश मंत्री एस जयशंकर अपनी अमेरिकी दौरा के बाद सोमवार को कतर की आधिकारिक यात्रा के लिए रवाना होंगे। जयशंकर 30 दिसंबर से 1 जनवरी 2025 तक कतर की यात्रा पर रहेंगे। जहां वो कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से मुलाकत करेंगे।
बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर 24 दिसंबर से 29 दिसंबर तक तक छह दिनों की अमेरिकी दौरे पर है। जहां उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच व्यपारिक रिश्ते समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
विदेश मंत्री एस जयशंकर की कतर यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय ने जानकारी साझा की। मंत्रालय की ओर जारी विज्ञाप्ति में बताया गया कि विदेश मंत्री की यात्रा से दोनों पक्षों को राजनीतिक, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सुरक्षा, सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों सहित द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने का अवसर मिलेगा।
भारत और कतर के रिश्ते में नई मजबूती
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों को आपसी हितों पर बात करने और द्विपक्षीय संबंधों के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करने का मौका देगी। जयशंकर 1 जनवरी को कतर से वापस लौटेंगे। भारत और कतर के बीच लंबे समय से अच्छे और मजबूत रिश्ते हैं, जो नियमित उच्च स्तरीय वार्ताओं द्वारा और भी मजबूत होते हैं।
इससे पहले कतर और बहरीन की किया था दौरा
जनकारी के अनुसार इससे पहले, दिसंबर में जयशंकर ने कतर और बहरीन का दौरा किया था, जहां उन्होंने कतर के वाणिज्य और उद्योग मंत्री, साथ ही अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। अक्टूबर में दोनों देशों ने विदेश कार्यालय परामर्श का पांचवां दौर आयोजित किया था, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों पर विस्तार से चर्चा की गई थी।
मुआन विमान हादसे पर जताया दुख
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को दक्षिण कोरिया के मुआन एयरपोर्ट पर हुए विमान हादसे को लेकर दुख जताया। उन्होंने कहा कि मुआन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए दुखद विमान हादसे से बहुत दुखी हू। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं कोरिया गणराज्य के लोगों के साथ हैं।