विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
बैठक की तस्वीरें सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा करते हुए जयशंकर ने लिखा, "नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मिलकर अच्छा लगा।" यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत और नेपाल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
अमित शाह से भी मिले थे सुधन गुरुंग
इससे पहले मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित बंगाल की खाड़ी बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (बिम्सटेक) के पहले गृह मंत्रियों के सम्मेलन से इतर अपने नेपाली समकक्ष सुधन गुरुंग से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
शाह ने एक्स पर लिखा था, "नई दिल्ली में बिम्सटेक के पहले गृह मंत्रियों के सम्मेलन से इतर नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मिलकर खुशी हुई। हमने द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने और अपने क्षेत्र में शांति, प्रगति तथा समृद्धि के लिए भारत और नेपाल के बीच करीबी संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।"
नेपाल ने जताया भारत की मदद का आभार
भारत में नेपाल के दूतावास के अनुसार, बैठक में गुरुंग ने नेपाल में हाल में आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद भारत की ओर से समय पर दी गई सहायता के लिए आभार जताया। उन्होंने संप्रभु समानता, आपसी सम्मान और विश्वास के आधार पर दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए व्यावहारिक सहयोग आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।
नेपाल के दूतावास ने एक्स पर बताया कि बैठक में द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग मजबूत करने, सीमा प्रबंधन में समन्वय, सीमा पार अपराधों से मुकाबले और आपदा से निपटने की तैयारियों को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
बिम्सटेक में क्षेत्रीय सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर जोर
मंगलवार को बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए गुरुंग ने भारत की मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने हाल की प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नेपाल के प्रति सदस्य देशों की एकजुटता की भी सराहना की। गुरुंग ने आतंकवाद और सीमा पार अपराधों के खिलाफ क्षेत्रीय सहयोग के प्रति नेपाल की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सुरक्षित सूचना साझा करने, समन्वित कार्रवाई और तय प्रतिबद्धताओं को समय पर लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
नेपाल के दूतावास के मुताबिक, गुरुंग ने आपदा से निपटने की सामूहिक क्षमता बढ़ाने के लिए संयुक्त कार्यबल के समर्थन से बिम्सटेक क्षेत्रीय आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया ढांचा बनाने का प्रस्ताव भी दिया।
दिल्ली घोषणा को अपनाया गया
गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक के अंत में दिल्ली घोषणा को स्वीकार किया गया। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में रखी गई सोच के आधार पर यह बैठक बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करती है।
बैठक में पांच प्रमुख क्षेत्रों में क्षेत्रीय सहयोग के ढांचे पर विचार किया गया। इनमें मादक पदार्थों पर नियंत्रण, आतंकवाद से मुकाबला और कानूनी सहयोग, फरार लोगों की वापसी, साइबर सुरक्षा और साइबर अपराधों की जांच तथा संस्थागत सहयोग और क्षमता निर्माण शामिल हैं।