विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने रविवार को अपने ऑस्ट्रिया समकक्ष अलेक्जेंडर शालेनबर्ग से वियना में मुलाकात की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, अपने दोस्त के साथ 2023 की पहली राजनयिक मुलाकात देखकर खुशी हुई।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने रविवार को अपने ऑस्ट्रिया समकक्ष अलेक्जेंडर शैलेनबर्ग से वियना में मुलाकात की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, मेरे दोस्त के साथ 2023 की मेरी पहली डिप्लोमेटिक इंगेजमेंट देखकर खुशी हुई। वियना में पारंपरिक नए साल के संगीत कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद।
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जयशंकर 29 दिसंबर से 3 जनवरी तक साइप्रस और ऑस्ट्रिया की आधिकारिक यात्रा पर हैं। ऑस्ट्रिया से पहले उन्होंने साइप्रस का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गुरुवार को अपने साइप्रस समकक्ष इयोनिस कसौलाइड से निकोसिया मुलाकात की थी। दोनों देशों ने रक्षा और सैन्य सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे।
साइप्रस के समकक्ष इयोनिस कसौलाइड के संग संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयशंकर ने कहा था, हमारे द्विपक्षीय संबंधों में बहुत कुछ ऐसा है, जिस पर हम गर्व कर सकते हैं और हमारे बीच सहयोग का विस्तार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जयशंकर ने कोविड महामारी और दुनिया में चल रहे संघर्ष की नई चुनौतियों का समाधान करने की अपील की थी।
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साल 2022 के अंतिम दिन जयशंकर ने साइप्रस में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने चीन को साफ शब्दों में सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि चीन की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर एकतरफा बदलाव किए जाने की किसी बी कोशिश से भारत सहमत नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बीजिंग के साथ हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं। ऐसे में मुख्य मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत को बातचीत की मेज पर लाने के लिए आतंकवाद को उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। जयशंकर ने कहा कि भारत के सामने अपनी सीमाओं पर चुनौतियां हैं, जो कोरोना काल में और तेज हो गईं।
जयशंकर ने अपने भाषण में कहा कि कोई भी देश आतंकवाद से भारत जितना पीड़ित नहीं है। हम सभी के साथ अच्छे पड़ोसी संबंध चाहते हैं, लेकिन अच्छे पड़ोसी संबंधों का मतलब यह नहीं है कि आतंकवाद के मुद्दे को दरकिनार कर दिया जाए। हम बहुत स्पष्ट हैं।