विदेश मंत्री एस. जयशंकर 20 अक्तूबर 2026 को मुंबई में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसकी जानकारी दी। जयशंकर इस दौरान अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भी शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि होंगे। दूसरी ओर, अमेरिका के इलिनॉय राज्य स्थित औरोरा शहर में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की साजिश पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने चिंता व्यक्त की है।
औरोरा में सामूहिक गोलीबारी पर जायसवाल ने जताई चिंता
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिका में भारतीय समुदाय और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ती नस्लीय घृणा, एंटी-इंडिया हेट और नफरती अपराधों के मामलों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने अमेरिकी प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों व हिंदू समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि अब निर्णायक कार्रवाई की जरूरत है।
यूएई के विदेश मंत्री का भारत दौरा कब होगा?
वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान 19 और 20 अक्तूबर को मुंबई के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर उनकी मेजबानी करेंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब जयशंकर 20 अक्तूबर को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ भी बातचीत करेंगे।
मुंबई में ही विदेशी नेताओं की मेजबानी क्यों की जा रही है?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पिछले करीब एक दशक से विदेशी नेताओं और मंत्रियों की मेजबानी दिल्ली से बाहर भी की जाती रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेन के प्रधानमंत्री की वडोदरा में, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की अहमदाबाद में और मॉरीशस के प्रधानमंत्री की वाराणसी में मेजबानी की थी।
रणधीर जायसवाल ने क्या-क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर ने पिछले दिनों संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री के साथ बातचीत की। इस चर्चा में व्यापार, ऊर्जा और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के कल्याण सहित कई द्विपक्षीय मुद्दों पर बात हुई। इसके अलावा, उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में चल रहे घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। साथ ही, हमारे विदेश मंत्री ने जॉर्जिया के विदेश मंत्री से मुलाकात की, जो अबू धाबी में आयोजित 'रायसीना डायलॉग' में हिस्सा ले रहे थे। हमारे विदेश मंत्री ने भी इस संवाद में भाग लिया और कई सत्रों में अपने विचार रखे। इसके अलावा, उन्होंने रास अल खैमाह के शासक से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय मामलों पर चर्चा की और खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।
मालदीव के साथ हमारा गहरा विकास सहयोग: जायसवाल
वहीं, मालदीव परियोजना पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'मालदीव के साथ हमारा गहरा विकास सहयोग है। मालदीव सरकार के अनुरोध पर, हमने 3000 करोड़ रुपये के करेंसी स्वैप (मुद्रा अदला-बदली) समझौते को पहली बार आगे (रोलओवर) बढ़ाने का फैसला किया है, जो 23 अक्तूबर 2026 से प्रभावी होगा। यह करेंसी स्वैप व्यवस्था अक्टूबर 2024 में हुए समझौते के तहत है। इस रोलओवर से मालदीव की वित्तीय स्थिरता को और मजबूती मिलेगी।'
कनाडा दौरे पर जा सकते हैं पीएम मोदी: जायसवाल
प्रधानमंत्री मोदी की कनाडा यात्रा पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'कनाडा की विदेश मंत्री हाल ही में दिल्ली आई थीं। उन्होंने हमारे विदेश मंत्री से मुलाकात की और दोनों के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री की कनाडा यात्रा को लेकर भी चर्चा हुई। यात्रा की तारीखों पर अभी बातचीत चल रही है, और सही समय आने पर हम इस यात्रा की घोषणा करेंगे।'
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की यह यात्रा, भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने का एक अवसर होगी। दोनों प्रतिनिधिमंडल ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फिनटेक, रक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में चल रही पहलों का जायजा लेंगे और उन्हें आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही, पश्चिम एशिया की स्थिति, और वैश्विक तथा अन्य बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा करने का मौका मिलेगा।
यह भी पढ़ें:
दिल्ली: सीजेपी के तिरंगा मार्च से पहले पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अभिजीत दिपके को प्रदर्शन नहीं करने का नोटिस
जयराम रमेश ने उठाए थे सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 15 अक्तूबर को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की प्रस्तावित मुंबई मुलाकात को लेकर केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भारत में रूबियो के दौरे और जयशंकर से उनकी संभावित मुलाकात के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जबकि इसकी आधिकारिक घोषणा विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता को करनी चाहिए थी।
जयराम रमेश ने सवाल किया कि भारत के भीतर विदेश मंत्री की बैठकों की जानकारी किसी दूसरे देश के राजदूत के माध्यम से क्यों सामने आ रही है। उन्होंने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर रोके जाने की जानकारी का हवाला देते हुए भी कहा कि उस समय भारत को इसकी जानकारी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बयान से मिली थी।