विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रायसीना डायलॉग में कहा कि अब कोई भी देश हर क्षेत्र में हावी नहीं रह सकता। भविष्य बहुध्रुवीय होगा, जहां हर देश और क्षेत्र की ताकत मायने रखेगी। उन्होंने कहा कि संतुलन और योगदान ही नई शक्ति बनेंगे, बहुध्रुवीयता और बहुपक्षीयता साथ-साथ संभव हैं। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका, भूटान समेत कई देशों के विदेश मंत्रियो से मुलाकात की।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को बदलती दुनिया की ताकत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब कोई भी देश हर क्षेत्र में हावी नहीं रह सकता, बल्कि भविष्य में दुनिया बहुध्रुवीय होगी, जहां हर क्षेत्र और हर देश की ताकत मायने रखेगी। उन्होंने कहा कि बड़े समझौते और वैश्विक दबदबे का दौर समाप्त हो चुका है। जयशंकर ने यह बात रायसीना डायलॉग में एक इंटरैक्टिव सत्र के दौरान कही। इस दौरान उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अब नई दुनिया में हर राष्ट्र को योगदान देने का मौका मिलेगा और संतुलन ही नई शक्ति बनेगी।
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क्या होता रायसीना डाललॉग, यहां समझिए
गौरतलब है कि रायसीना डायलॉग, जिसे ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन और विदेश मंत्रालय मिलकर आयोजित करते हैं, भारत का प्रमुख सम्मेलन है जहां वैश्विक नेता, नीति निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ और शिक्षाविद इकट्ठा होकर भू-राजनीति और आर्थिक मामलों पर विचार-विमर्श करते हैं। इस साल इसका 11वां संस्करण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उद्घाटित किया गया।
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