विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा, अपनी व्यापक क्षमताओं के चलते भारत में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अतिरिक्त इंजन बन सकता है। उन्होंने विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय से अपील करते हुए कहा, कोरोना वायरस से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने के लिए किए जा रहे व्यापक प्रयासों में योगदान दें।
जयशंकर ने 16वें प्रवासी भारतीय दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा, महामारी के चलते अनिश्चितता के हालात पैदा हो गए हैं, जिसने दुनिया भर में कम, ज्यादा भरोसेमंद और लचीली आपूर्ति की कड़ी बनाए जाने की वैश्विक मांग पैदा की है।
आगे उन्होंने कहा, भारत एक भरोसेमंद भागीदार और विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता है। भारत वैश्विक मानदंडों को पूरा करते हुए आत्मनिर्भर भारत के मकसद को पूरा करने के लिए अपनी क्षमताओं में इजाफा कर रहा है और विश्व में अपना योगदान भी दे रहा है।
विदेशमंत्री ने कहा, भारत में हम आत्मनिर्भर भारत की नीति के जरिये, घरेलू स्तर पर अपनी क्षमताएं बढ़ाकर निपट रहे हैं ताकि बाहरी दुनिया में व्यापक योगदान दे सकें। यह स्वाभाविक है कि इस प्रक्रिया में हम भारतीय समुदाय को शामिल करना चाहते हैं क्योंकि उन्होंने अपनी उपलब्धियों के जरिये ख्याति अर्जित की है। भारत के साथ उनका भावनात्मक लगाव राष्ट्र पुनर्निर्माण में उनके योगदान की इच्छा को निश्चित तौर पर प्रोत्साहित करेगा।
उन्होंने कहा कि इस अभूतपूर्व कठिन समय में भी प्रवासी भारतीयों के साथ हमारे संबंध और मजबूत हुए हैं। वंदे भारत मिशन के माध्यम से 35 लाख लोगों को घर लाया गया। महामारी के दौरान भारत ने 150 देशों को दवाओं की आपूर्ति की, जिनमें से कई देशों में भारतीय समुदाय के काफी लोग रहते हैं।