रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि रूस के साथ एस-400 मिसाइल डील पर बातचीत निर्णायक दौर में पहुंच गई है। उन्होंने साफ किया कि मॉस्को के साथ यह सौदा अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद आगे बढ़ेगा। सीतारमण ने कहा, अगर डील हो जाती है तो इसे लागू होने में ढाई से चार साल लगेंगे।
अमेरिका के विरोधियों के खिलाफ प्रतिबंधों के जरिये कार्रवाई कानून (सीएएटीएसए) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, यह एक अमेरिकी कानून है, न कि संयुक्त राष्ट्र का कानून और भारत ने इस मुद्दे पर अमेरिका को अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। बता दें कि इस कानून के तहत ट्रंप प्रशासन ने रूस के साथ सैन्य सौदों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।
रक्षा मंत्री ने कहा, रूस के साथ हमारे रक्षा संबंध दशकों से हैं और हमने इसके बारे में एक अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को स्थिति साफ कर दी थी। यह प्रतिनिधिमंडल हाल में भारत के दौरे पर था। हम साफ करते हैं कि रूस के साथ एस-400 मिसाइल सौदे की वार्ता लगभग समाप्त हो गई है।