तुर्की में रूसी राजदूत एंड्री कार्लोव की हत्या की भारत, संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका समेत दुनिया के अन्य देशों ने कड़ी निंदा की है। भारत ने कहा कि वह इस कायरतापूर्ण कृत्य से हैरान है और ऐसी घिनौनी वारदात को किसी भी रूप में जायज नहीं ठहराया जा सकता है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून, सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने हमले की आलोचना करते हुए मृतक राजदूत के परिजनों और रूस सरकार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
मून ने कहा कि वह इस मूर्खतापूर्ण आतंकी हमले से स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि राजनयिकों और नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी लिहाज से उचित नहीं है। भारत ने कहा कि हम तुर्की में रूसी राजदूत की हत्या की दुखद घटना की कड़ी आलोचना करते हैं। उधर, अमेरिका ने कहा कि यह नृशंस हमला कतई अस्वीकार्य है।
अमेरिका ने रूस को इसकी जांच में मदद की पेशकश भी की। व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिका रूसी राजदूत और अन्य पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदन व्यक्त करता है। इसके साथ ही हमले के बाद अमेरिका के भावी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘तुर्की, स्विट्जरलैंड और जर्मनी में आतंकी हमलों से हालात और बदतर हो रहे हैं। सभ्य समाज को अपनी सोच बदलनी होगी।’
यूएन महासचिव के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हालात पर करीब से नजर रखी जा रही है। राजनयिकों और नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी रूप में उचित नहीं है। मून ने हमले में घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इसके अतिरिक्त सुरक्षा परिषद ने भी इस खौफनाक हमले की कड़ी आलोचना की और मृतक राजदूत के परिजनों एवं रूस सरकार के प्रति संवेदन व्यक्त की। मालूम हो कि अंकारा में एक कला प्रदर्शनी के दौरान एक पुलिसकर्मी ने रूसी राजदूत एंड्री कार्लोव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हमलावर अलेप्पो और सीरिया में हमले का बदला लेने की बात कह रहा था।