कई कोशिशों के बावजूद रूस यूक्रेन के बीच की जंग अभी रुक नहीं पाई है। दोनों देश एक दूसरे पर लगातार हमला कर रहे हैं। हालांकि धीरे-धीरे रणनीति जरूर बदल रही है। शुरुआत में दोनों देश लगभग खाली और ऊंची बिल्डिंगो को निशाना बना रहे थे। फिर लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। वहीं, अब रणनीति में बदलाव कर दोनों देशों ने उर्जा ढांचों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में यूक्रेन ने बुधवार को रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर भीषण ड्रोन हमला कर दिया।
यूक्रेन की सेना ने दावा किया है कि उसने रूस के वोल्गोग्राद क्षेत्र की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी पर लंबी दूरी के ड्रोन से हमला किया है। यह रिफाइनरी तीन महीनों में दूसरी बार निशाने पर आई है। फिलहाल रूसी अधिकारियों ने हमले की पुष्टि नहीं की है, लेकिन क्षेत्रीय गवर्नर ने कहा कि ड्रोन हमले से एक औद्योगिक परिसर में आग लगी।
ऊर्जा ढांचों को क्यों बनाया जा रहा निशाना?
वहीं, यूक्रेनी सेना ने बताया कि यह हमला बुधवार को किया गया था। यह रिफाइनरी रूस के दक्षिणी संघीय जिले की सबसे बड़ी ईंधन और लुब्रिकेंट उत्पादक इकाई है। यहां हर साल 1.5 करोड़ टन से अधिक कच्चे तेल का प्रसंस्करण होता है, जो रूस की कुल क्षमता का करीब 5.6 प्रतिशत है। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे हमलों का उद्देश्य रूस की तेल आय को कम करना है, जिससे वह युद्ध के लिए धन जुटा न सके।
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पिछले कई महीनों से रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे को लगातार निशाना बना रहे हैं। अमेरिका की मध्यस्थता से शांति की कोशिशों के बावजूद युद्धक्षेत्र में हालात नहीं सुधर रहे। यूक्रेन के ये ड्रोन हमले रूस के तेल निर्यात को बाधित करने के लिए किए जा रहे हैं। वहीं, रूस यूक्रेन की बिजली व्यवस्था को तबाह करने की कोशिश में है, ताकि सर्दियों में लोगों के पास बिजली, पानी और हीटिंग की सुविधा न रहे। यूक्रेन ने इस रणनीति को सर्दी को हथियार बनाना बताया है।
पुतिन के सैनिकों ने किया पलटवार
रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने गुरुवार को रातभर में 75 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। वहीं, कोस्त्रोमा क्षेत्र के गवर्नर ने बताया कि एक यूक्रेनी ड्रोन ने वहां की ऊर्जा संरचना को नुकसान पहुंचाया, लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित नहीं हुई। रूस ने जवाबी हमलों में यूक्रेन के ड्निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र के कामियांस्के शहर पर हमला किया, जिसमें आठ लोग घायल हुए। कई इमारतों में आग लगी और रेलवे नेटवर्क पर असर पड़ा। यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, रूस ने गुरुवार रात 135 ड्रोन से हमला किया था।