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Oil Deal: क्या पाकिस्तान पहुंचने वाला रूसी तेल भारत में हुआ रिफाइन? सस्ती डील पर हो रहे कई दावे; जानें

Thu, 15 Jun 2023 04:53 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पाकिस्तान में पहली बार रूस से कच्चे तेल की खेप रविवार को कराची बंदरगाह पहुंची थी। पहली खेप में 45 हजार मीट्रिक टन कच्चा तेल है। आर्थिक संकट, महंगाई और राजनीतिक उथल-पुथल से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए इसे बड़ी राहत माना जा रहा है।
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कच्चा तेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रूस से सस्ते कच्चे तेल की पहली खेप 11 जून को कराची बंदरगाह पहुंच चुकी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसके बारे में जानकारी देते हुए खशी जाहिर की थी। पाकिस्तान में जारी महंगाई और तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच यह राहत की बड़ी खबर है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस से इसी तरह आगे भी तेल की आपूर्ति होती रहेगी। हालांकि पहली खेप के पहुंचते ही इस डील को लेकर बड़ा खुलासा भी हुआ है। दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान पहुंचने से पहले रूसी तेल की ये खेप भारत आई थी और यहां रिफाइन होने के बाद यूएई के रास्ते यह कराची पहुंची है। कहा ये भी जा है कि अगली खेप पहले भारत में रिफाइन की जाएगी और फिर पाकिस्तान पहुंचेगी। 

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11 जुलाई को पाकिस्तान पहुंची थी पहली खेप
पाकिस्तान में पहली बार रूस से कच्चे तेल की खेप रविवार को कराची बंदरगाह पहुंची थी। पहली खेप में 45 हजार मीट्रिक टन कच्चा तेल है। आर्थिक संकट, महंगाई और राजनीतिक उथल-पुथल से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए इसे बड़ी राहत माना जा रहा है। यूक्रेन से युद्ध शुरू होने के बाद अब तक भारत को ही रूस सस्ते दाम पर कच्चा तेल देता था। अब पाकिस्तान भी इस सूची में शामिल हो गया है।  

पाकिस्तानी पीएम ने जताई थी खुशी
रूस से सस्ते तेल की पहली खेप के कराची पहुंचने पर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने खुशी जताई थी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि 'मैंने देश से किया अपना एक और वादा पूरा कर दिया है। यह बताते हुए खुशी हो रही है कि रूस के सस्ते तेल की पहली खेप कराची पहुंच चुकी है और कल से उसकी सप्लाई शुरू हो जाएगी। यह एक बदलाव का दिन है। हम समृद्धि, आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक कदम और आगे बढ़े हैं।' पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि 'यह रूस और पाकिस्तान के बीच नए रिश्तों की शुरुआत है।'
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पाकिस्तान से पहले ईरान और ओमान के रास्ते आया भारत
रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि रूस ने सस्ते दामों में तेल पाकिस्तान को कुछ शर्तों पर दिया है। इन शर्तों में तेल की रिफाइनिंग का काम भारत में कराने और भुगतान चीनी मुद्रा युआन में करना शामिल है। इन शर्तों के मानने के बाद ही रूस ने पाकिस्तान के साथ ये सौदा किया था। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इन शर्तों के अनुरूप ही रूस से 45 हजार टन तेल लेकर प्योर प्वाइंट जहाज रूस से ईरान और ओमान होते हुए भारत के गुजरात में पहुंचा था। गुजरात में इसे रिफाइन किया गया इसके बाद ये तेल यूएई पहुंचा और वहां से इसे पाकिस्तान ले जाया गया। बता दें कि जो जहाज रूस से कच्चा तेल लेकर चला था वह यूएई में रजिस्टर एक कंपनी का है। वहीं, गुजरात की जिस रिफाइनरी में इसे रिफाइन किया गया उसे नायरा एनर्जी लिमिटेड चलाती है जिसमें रूसी की दिग्गज ऊर्जा कंपनी रोसनेफ्ट की 49.13 फीसदी हिस्सेदारी है। 

भारत ने नहीं मानी बात इसलिए की यूएई के जरिए हुई डिलीवरी
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान भारत से सीधे तेल मंगाना चाह रहा था। पाकिस्तान ने इस संबंध में भारत से बात भी की थी। जब भारत ने बात नहीं मानी तो यह तेल यूएई की एक कंपनी ने कराची पहुंचाया। अब बताया जा रहा है कि इस डील की दूसरी खेप भी रूस से निकल चुकी है। इसमें करीबन 55 हजार मिट्रिक टन तेल लदा है। यह जहाज रूस से नहीं बल्कि ग्रीस से चला है।  

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