फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रूस की सफाई- पाक को लड़ाकू विमान नहीं दे रहा रूस

Sun, 16 Oct 2016 08:38 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : PTI
विज्ञापन
पाकिस्तान के लिए एक और बुरी खबर है। भारत के खिलाफ नापाक मंसूबे बनाए पाक के हथियारों के जखीरे और आसमानी ताकत में फिलहाल इजाफा नहीं होन वाला। हथियारों के बड़े निर्माता देश रूस ने पाकिस्तान को निकट भविष्य में किसी भी तरह के लड़ाकू विमान या अन्य सैन्य एयरक्राफ्ट देने से इनकार किया है। रूस ने यह भी साफ किया है कि पिछले दिनों पाकिस्तान के साथ हुए उसके साझा सैन्य अभ्यास का मकसद भारत के हितों के खिलाफ नहीं था बल्कि पाक में पनप रहे आतंकवाद से निपटने के लिए एक ट्रेनिंग का हिस्सा था। रूस के मुताबिक, ऐसा करके उन्होंने पाकिस्तानी सेना को यह सिखाया कि आतंक के खिलाफ कैसे लड़ें।
विज्ञापन


पाक की नींद उड़ाने वाली यह बात रूसी डिफेंस कंपनी रोस्टेक स्टेट कॉरपोरेशन के सीईओ सर्गेई चेमेझोव ने कही। चेनेझोव के मुताबिक, पाकिस्तान को किसी भी तरह के लड़ाकू विमान देने संबंधी किसी की करार पर पाक-रूस के बीच दस्तखत नहीं हुए हैं। चेमेझोव ने बताया कि पाक को ट्रांसर्टेशन वाले वाले हेलीकॉप्टर जरूर बेचे गए हैं, और वह डील पूरी भी हो चुकी है।

चेमेझोव की मानें तो पाक को रूस लड़ाकू विमान ही नहीं, बल्कि किसी भी तरह के सैन्य उपकरण नहीं बेच रहा है।

पाकिस्तान को सिखाने के लिए किया था साझा सैन्य अभ्यास-रूस

सितंबर में रूस और पाकिस्तान के बीच किए गए साझा सैन्य अभ्यास के बारे में चेमेझोव ने कहा कि वह महज आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए पाक सैनिकों को दी गई ट्रेनिंग का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच साझा सैन्य अभ्यास जरूरी था, ताकि इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठनों से निपटा जा सकें। आज आईएस एक वैश्विक चुनौती बन चुका है और पूरी दुनिया में आतंक फैला रहा है।

चेमेझोव ने कहा ''इस्लामिक स्टेट एक वैश्विक आतंकी संगठन है, आईएस के आतंकी पश्चिम एशिया ही नहीं, बल्कि रूस, भारत और पाकिस्तान तक में अपनी जड़े फैला चुके हैं।'' 

उन्होंने कहा कि इसलिए जरूरी था कि पाकिस्तान आतंकियों से निपटना सीखे और इसीलिए उसके साथ रूस ने साझा सैन्य अभ्यास किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस सैन्य अभ्यास की रत्ती भर भी मतलब भारत को निशाना बनाना नहीं था। चेमेझोव ने कहा कि भारत के साथ रूस के संबंध हमेशा से अच्छे और प्रगाण हैं और आगे भी रहेंगे।
विज्ञापन

भारत और रूस के बीच 16 करारों पर हस्ताक्षर

भारत और रूस के बीच 16 करारों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने बुनियादी ढांचे, रक्षा, जहाज निर्माण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, और रेलवे के क्षेत्रों में सौदे पर दस्तखत किए।

दोनों देशों के बीच तमाम करारों पर हस्ताक्षर गोवा में ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मौजूदगी में किए गए।

मोदी और पुतिन ने साझा बयान जारी कर कहा कि कामोव-226T हेलीकाप्टरों के निर्माण, फ्रीगेट निर्माण, अधिग्रहण और अन्य रक्षा प्लेटफार्मों का निर्माण भारत की प्रौद्योगिकी और सुरक्षा प्राथमिकताओं के साथ तालमेल का नतीजा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें