बाबुश्किन ने कहा कि दोनों वैश्विक और जिम्मेदार पड़ोसी ताकतें हैं जिनमें आर्थिक और रक्षा के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं, इसके साथ ही सभ्यतागत समझ है। जब पूछा गया कि क्या एससीओ या ब्रिक्स दोनों सदस्य देशों के बीच तनाव को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं तो रूसी राजनयिक ने कहा कि दोनों समूहों ने सकारात्मक संवाद के लिए व्यवस्था विकसित की है।
उन्होंने कहा कि जब एससीओ और ब्रिक्स के ढांचे में सहयोग की बात आती है तो निश्चित तौर पर सम्मानजनक संवाद मुख्य हथियार है। दोनों संगठनों ने सहयोग के लिए क्षेत्रवार दर्जनों व्यवस्था विकसित की है और मैं आपको को भरोसा देता हूं कि उनके प्रासंगिक हित बढ़ रहे हैं।
अमेरिका के साथ भारत के बढ़ते संबंधों के बारे में पूछे जाने पर बाबुश्किन ने कहा कि रूस इस संबंध में कोई समस्या नहीं देखता। उन्होंने कहा कि जब बहुपक्षीय और द्विपक्षीय प्रतिबद्धता की बात आती है तो नयी दिल्ली के प्रति शंका का कोई कारण नहीं है।