सम्मेलन में देश के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा, दुनिया के आधुनिक संविधानों का सबसे बुनियादी लक्षण कानून का शासन है। इसकी कामयाबी इस पर निर्भर है कि दुनिया में न्यायपालिका उभरती हुई चुनौतियों से किस तरह से निपटती है। सांविधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए जस्टिस बोबडे ने कहा, कानूनी अधिकार तथा कानूनी कर्तव्य एक-दूसरे से जुडे़ हैं।
सीजेआई ने तकनीकी विकास का जिक्र करते हुए कहा, अब पूरी दुनिया आपस में जुड़ी है। कहीं किसी एक कोने में छोटे से परिवर्तन से बाकी दुनिया में बदलाव हो सकते हैं। दुनियाभर की न्यायपालिकाएं ऐसे बदलावों का सामना कर रही हैं, जिसे अधिकार क्त्रसंति, एक प्रौद्योगिकी क्त्रसंति और जनसांख्यिकीय क्त्रसंति कहा जा सकता है। हमारे फैसले केवल उन लोगों को प्रभावित नहीं करते जो हमारे अधिकार क्षेत्र में रहते हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहली बार आयोजित ऐसी कॉन्फ्रेंस में 20 देशों के जज शामिल हुए हैं।