अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीय नागरिकों को भारत भेजने मामले में एक नया विवाद शुरू हो गया है। ये विवाद अवैध प्रवासियों के विमान के अमृतसर में उतारने को लेकर खड़ा हो गया, जहां पंजाब के सीएम भगवंत मान ने आरोप लगाया कि आखिरकार अमेरिकी से भेजे जा रहे अवैध प्रवासियों का विमान पंजाब में क्यों उतारा जा रहा है, गुजरात और अंबाला में क्यों नहीं? साथ ही सीएम मान ने इसे पंजाब को बदनाम करने का साजिश करार दिया। सीएम मान के इस बयान पर देश में बयानबाजी तेज हो गई है। मामला अब भाजपा बनाम विपक्ष हो गया है और दोनों पार्टियां एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहीं है।
भाजपा नेता ने किया पलटवार
सीएम मान के बयान पर भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह ने पलटवार करते हुए पंजाब सरकार को इसका जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं ने अमेरिका जाने के लिए अपनी ज़मीनें बेच दीं। ट्रैवल एजेंटों ने उन्हें धोखा दिया और अवैध तरीकों से भेजा।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान की सरकार और पुलिस इन ट्रैवल एजेंटों से पैसे लेती रही। ऐसे ट्रैवल एजेंट कैसे काम कर सकते हैं? उन्होंने हजारों लोगों को बेरोजगार बना दिया। आम आदमी पार्टी (आप) को सोचना चाहिए कि उन्होंने पंजाब को कैसे बर्बाद कर दिया। लेकिन अब लोग अपनी ज़मीनें बेचकर पंजाब छोड़ने जा रहे हैं, और AAP अभी भी ड्रामा कर रही है।"
क्या कहा सीएम मान? बयानबाजी इतनी तेज कैसे..
अब बात अगर सीएम मान की करें तो पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया कि पंजाब और पंजाबी समुदाय को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले एक विमान अमृतसर में उतरा और अब दूसरा विमान, जिसमें कथित तौर पर अवैध रूप से अमेरिका में प्रवास कर रहे भारतीय नागरिक हैं, भी अमृतसर में उतारा जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि अमृतसर को विमान उतारने के लिए क्यों चुना गया, जबकि यह शहर पाकिस्तान के नजदीक है और इसके पास लाहौर भी है।
सीएम मान की मांग- अमृतसर नहीं उतारे विमान
साथ ही भगवंत मान ने कहा कि जब पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप मिल रहे थे, तब अमेरिकी अधिकारियों ने भारतीय नागरिकों पर बेड़ियां डालने का काम किया। उन्होंने यह भी कहा कि अमृतसर को जानबूझकर चुना जा रहा है ताकि यह दिखाया जा सके कि केवल पंजाबी ही अवैध प्रवासी हैं। मान ने मांग की कि इस विमान को दिल्ली, हिंडन या अहमदाबाद में उतारा जाए, न कि अमृतसर में। उन्होंने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से यह विमान अमृतसर से कहीं और उतारने का अनुरोध किया और इसे पंजाब को बदनाम करने की साजिश बताया।