राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के बयान कि उड़ी हमले से अधिक लोगों की मौत नोटबंदी के चलते हुई है ने केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा सांसदों को भड़का दिया। जिसके बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया।
केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने विपक्ष के गैरजिम्मेदाराना रवैये और सदन न चलने देने उचित नहीं ठहराया। वहीं मंत्री प्रकाश जावेडकर ने भी आजाद के बयान पर आपत्ति जताई। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बाहर मीडिया से कहा कि उड़ी हमले की तुलना करना शहीदों का अपमान है। सदन में बहस के स्तर के गरिमा गिर रही है।
दरअसल शाम तीन बजे राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उड़ी में पाकिस्तान के आतंकवादियों के हमले में जितने लोगों की मौत नहीं हुई उससे अधिक लोगों की मौत भारत सरकार के फैसले से होने के मामले सामने आ रहे हैं। इसके लिए किसको जिम्मेदार ठहराया जाए सजा के लिए कौन जिम्मेदार है।
प्रधानमंत्री को सदन में आना चाहिए था। जब तक नहीं आएंगे सदन नहीं चलेगा। उनके ये कहने पर वैंकेया नायडू और प्रकाश जावेडकर ने आपित्त जताई। एक बार फिर सदन में हंगामा शुरू हो गया और सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक स्थगित कर दी गई।