फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रूबियो से मुंबई में मिलेंगे जयशंकर: कांग्रेस बोली- अमेरिकी राजदूत क्यों कर रहे बैठक का खुलासा? उठाए ये सवाल

Thu, 15 Oct 2026 05:16 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो 17 से 22 अक्तूबर तक भारत के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह मुंबई और गुजरात के जामनगर जाएंगे और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के यह कहने पर कि एस. जयशंकर भी मुंबई में बैठक में शामिल हो सकते हैं, कांग्रेस ने विदेश मंत्रालय की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। जयराम रमेश ने इस मुद्दे पर ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया।
 
विज्ञापन
जयराम रमेश, कांग्रेस महासचिव - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के आगामी भारत दौरे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पूछा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मुंबई में रूबियो से होने वाली मुलाकात के बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय ने जानकारी क्यों नहीं दी। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि भारत के विदेश मंत्री की बैठक की जानकारी अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर क्यों दे रहे हैं।
विज्ञापन


अमेरिकी राजदूत ने बैठक को लेकर क्या कहा था?
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक मीडिया चैनल के कार्यक्रम में बताया कि मार्को रूबियो मुंबई में भारत सरकार के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी दिल्ली से आने वाले अन्य लोगों के साथ वहां मौजूद रहेंगे और रूबियो से मुलाकात करेंगे। इसी बयान के बाद जयराम रमेश ने विदेश मंत्रालय की भूमिका पर सवाल उठाए।

जयराम रमेश ने विदेश मंत्रालय से क्या पूछा?
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि अमेरिकी राजदूत की ओर से रूबियो के दौरे के बारे में जानकारी देना कोई बहुत हैरान करने वाली बात नहीं है। लेकिन उनका यह कहना असाधारण है कि जयशंकर भी मुंबई में बैठक में शामिल होंगे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारत के विदेश मंत्री की देश के भीतर होने वाली बैठकों की घोषणा कब से विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता के बजाय किसी दूसरे देश के राजदूत करने लगे हैं?
विज्ञापन


कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र क्यों किया?
जयराम रमेश ने अपने बयान में 10 मई 2025 की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत को उस शाम सबसे पहले खुद मार्को रूबियो से पता चला था कि ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया गया है। रमेश ने सवाल किया कि आखिर भारतीय विदेश मंत्रालय विदेश मंत्री की मुंबई में रूबियो से होने वाली मुलाकात पर जानकारी क्यों नहीं दे रहा है।

यह भी पढ़ें: 'बंद करो, दफा हो जाओ': अभिजीत दिपके और नेहा बोरा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, लोगों ने की नारेबाजी

कब और क्यों भारत आ रहे हैं रूबियो?
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि मार्को रूबियो ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने के लिए भारत आएंगे। वह पहले उज्बेकिस्तान के समरकंद जाएंगे। इसके बाद 17 से 22 अक्तूबर तक मुंबई और गुजरात के जामनगर का दौरा करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान क्षेत्रीय, वैश्विक मुद्दों और ऊर्जा सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हो सकती है।
विज्ञापन


रूबियो के दौरे से जुड़ी बड़ी बातें
  • मार्को रूबियो मई के बाद दूसरी बार भारत आ रहे हैं। इससे पहले वह नई दिल्ली में आयोजित क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए थे, जिसकी मेजबानी एस. जयशंकर ने की थी।
  • रूबियो की भारत यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को मजबूत करना है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इस दौरे की जानकारी दी थी।
  • भारत आने से पहले रूबियो उज्बेकिस्तान के समरकंद जाएंगे। इसके बाद उनका कार्यक्रम मुंबई और गुजरात के जामनगर जाने का है।
  • बैठक में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और क्षेत्रीय व वैश्विक घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान करने पर चर्चा होगी।
  • ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं के अलावा रूबियो भारत के कारोबारी नेताओं से भी मिलेंगे। इसका उद्देश्य वाणिज्यिक निवेश और आर्थिक सहयोग के अवसरों को बढ़ावा देना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें