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MHA: केंद्रीय बलों में क्यों अटकी सहायक कमांडेंट की नियुक्ति? 250 दिन में फोर्स आवंटन नहीं, RTI में मिला जवाब

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सीएपीएफ - फोटो : एएनआई
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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों 'सीएपीएफ' में सहायक कमांडेंट की भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। यूपीएससी से चयनित उम्मीदवारों का मेडिकल भी हो चुका है, लेकिन 250 दिन बाद भी फोर्स एलोकेशन नहीं हो सका। जब फोर्स एलोकेशन नहीं हुआ तो उनकी ट्रेनिंग भी शुरु नहीं हो पा रही। इसके चलते यूपीएससी से पासआउट साढ़े चार सौ उम्मीदवार परेशान हैं। इस संबंध में यूपीएससी और फोर्स एलोकेशन के लिए जिम्मेदार 'आईटीबीपी' में आरटीआई के जरिए यह जानने का प्रयास किया गया कि अभी तक फोर्स आवंटित न होने का क्या कारण है। जवाब मिला है कि फोर्स एलोकेशन करने का काम आईटीबीपी को सौंपा गया है। इसके लिए गृह मंत्रालय/आईटीबीपी से संपर्क करें। आईटीबीपी ने 6 फरवरी को आरटीआई के जवाब में बताया कि यह एक सुरक्षा संगठन है। ऐसी सूचना देने के लिए आईटीबीपी बाध्य नहीं है। यानी इसे उक्त सूचना देने से छूट प्राप्त है।   

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बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से अभी तक 450 से ज्यादा उम्मीदवारों को फोर्स आवंटित नहीं की गई है। लगभग 250 दिन बाद भी उम्मीदवारों को यह नहीं मालूम कि वे कौन से केंद्रीय अर्धसैनिक बल का हिस्सा बनेंगे। यूपीएससी सीएपीएफ (एसी) 2024 के चयनित उम्मीदवारों का कहना है कि गत वर्ष से ही इस बाबत गृह मंत्रालय, यूपीएससी और नोडल अथॉरिटी 'आईटीबीपी' से लगातार संपर्क किया जा रहा है। उम्मीदवारों को कहीं से भी कोई सटीक जवाब नहीं मिल सका। इस वर्ष सात जनवरी को आरटीआई के जरिए इस मामले में हो रही देरी का कारण जानने का प्रयास किया गया। फरवरी में भी आरटीआई लगाई गई। यूपीएससी की तरफ से 5 फरवरी को आरटीआई के जवाब में बताया गया कि गृह मंत्रालय, कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी है। फोर्स एलोकेशन का काम आईटीबीपी को सौंपा गया है। ऐसे में उम्मीदवारों को केंद्रीय गृह मंत्रालय और आईटीबीपी से संपर्क करना चाहिए।  

आईटीबीपी मुख्यालय ने 6 फरवरी को आरटीआई के जवाब में बताया कि यह एक सुरक्षा संगठन है। इस तरह की सूचना देने से आईटीबीपी को छूट प्रदान की गई है। चयनित उम्मीदवारों का कहना है कि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को उत्तीर्ण करने और सभी अनिवार्य प्रक्रियाओं को पूरा करने वाले उम्मीदवार, असंबंधित कारणों के चलते लंबे समय से अनिश्चितता में फंसे हुए हैं। फोर्स एलोकेशन में देरी से उन्हें आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही उनके लिए भविष्य में प्रतिनियुक्ति के अवसरों का कम होना, हार्ड पोस्टिंग के दौरान बेहतर करना व समय रहते विवाह न होना और दूसरी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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उम्मीदवारों के मुताबिक, लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता ने उन्हें भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और आर्थिक रूप से परेशान किया है। चयनित उम्मीदवारों में से कई साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं, जिनके बुजुर्ग माता-पिता चिकित्सा और घरेलू खर्चों के लिए उन पर निर्भर हैं। स्पष्टता की कमी ने हमें ऐसी स्थिति में फंसा दिया है, जिसमें करियर या निजी जीवन की योजना नहीं बना पा रहे हैं। उम्मीदवारों के अनुसार, यह विलंब, यूपीएससी की अंतिम सूची में शामिल न किए गए चार उम्मीदवारों द्वारा दायर एक कानूनी मामले के कारण हुआ है। इसमें ओबीसी-एनसीएल प्रमाणपत्र पात्रता संबंधी मनमाने नियमों का हवाला दिया गया था। यह दावा दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा सही ठहराया गया। यूपीएससी, दिसंबर 2025 को दिल्ली उच्च न्यायालय में यह मामला हार गया था, लेकिन इसके बावजूद फोर्स एलोकेशन की प्रक्रिया अभी तक रुकी हुई है। 

यूपीएससी से पासआउट उम्मीदवारों का कहना है कि पिछले साल 13 जून को रिजल्ट आया था। सामान्य तौर पर फोर्स एलोकेशन होने में लगभग तीन माह लगते हैं। कई वर्षों से ऐसा ही ट्रेंड सामने आया है। यूपीएससी सीएपीएफ सहायक कमांडेंट 2021 का फाइनल रिजल्ट 2 जून 2023 को घोषित हुआ था। फोर्स आवंटन की प्रक्रिया 6 सितंबर 2023 तक पूरी हो गई। यानी इसमें 96 दिन लगे। 

यूपीएससी सीएपीएफ सहायक कमांडेंट 2022 का फाइनल रिजल्ट 7 अगस्त 2023 को घोषित किया गया। इसके बाद 22 सितंबर 2023 को फोर्स आवंटन हो गया। इस प्रक्रिया में 46 दिन लगे। यूपीएससी सीएपीएफ सहायक कमांडेंट 2023 का फाइनल रिजल्ट 5 जुलाई 2024 को घोषित हुआ था। फोर्स आवंटन 26 सितंबर 2024 को हुआ। इसमें 83 दिन लगे थे। यूपीएससी सीएपीएफ सहायक कमांडेंट 2024 का फाइनल रिजल्ट 13 जुलाई 2025 को घोषित हुआ था। अभी तक फोर्स आवंटन नहीं हो सका है। 

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