vआरटीआई पर काम करने वाली संस्था कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) की एक रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है।
संस्था ने केंद्रीय और 14 राज्य सूचना आयोगों की वार्षिक रिपोर्ट के अध्ययन में पाया कि सिर्फ 0.3 प्रतिशत लोगों ने आरटीआई आवेदन लगाए। जबकि आरटीआई एक्ट 12 अक्टूबर 2005 को पूरे देश में लागू कर दिया गया था। सीएचआरआई के प्रोग्राम कॉर्डिनेटर वेंकटेश नायक ने बताया कि केंद्रीय सूचना आयोग और छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मेघालय, सिक्किम, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू व कश्मीर प्रदेश, कर्नाटक, मिजोरम, नागालैंड, राजस्थान, उत्तराखंड, असम, पश्चिम बंगाल के राज्य सूचना आयोगों की वेबसाइट की 2014-15 की वार्षिक रिपोर्ट के आधार पता चलता है कि कुल 26 लाख आरटीआई फाइल की गई हैं।
बाकी के प्रदेशों की वार्षिक रिपोर्ट उनकी वेबसाइट पर नहीं थी। जबकि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के आदेश के मुताबिक सभी राज्य आयोगों को वार्षिक रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड करनी चाहिए।