लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने केन्द्रीय सूचना आयोग के 15वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को विज्ञान भवन में आयोजित केंद्रीय सूचना आयोग के 15वें वार्षिक अधिवेशन के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने केंद्रीय सूचना आयोग की सराहना करते हुए कहा कि जन कल्याण एवं पारदर्शिता के मूल्यों का परिचय देते हुए सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम द्वारा लोकतंत्र को सशक्त किया है। 75 वर्ष की लोकतांत्रिक यात्रा में देश ने सामाजिक आर्थिक परिवर्तन के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
विधि निर्माण का उल्लेख करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि जन कल्याण के मूल्यों तथा जनादेश के आधार पर केंद्र एवं राज्य स्तर पर विधि संस्थाओं ने जनता को अधिकार दिलाने में व्यापक कार्य किया है और शासन-प्रशासन की जवाबदेही एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की है। उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम से आने वाले व्यापक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए सूचित किया कि ई-गवर्नेंस, सूचना के त्वरित आदान प्रदान एवं ग्रामीण स्तर तक आने वाली पारदर्शिता ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है तथा विधि शासन को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के विज़न में भ्रष्टाचार मुक्त भारत की बड़ी भूमिका है, जो जन भागीदारी के आधार पर सुनिश्चित की जा रही है। जनता के शासन प्रशासन पर बढ़ते विश्वास का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि आरटीआई से जुड़ी त्वरित जानकारी एवं पारदर्शी कार्यान्वन से जनता का विश्वास सशक्त हुआ है। इस प्रकार भ्रष्टाचार मुक्त भारत की दिशा में उठे कदम से पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति को लाभ मिला है। अपने संबोधन में बिरला ने आरटीआई के दुरुपयोग से सावधान रहने का उद्घोष किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आरटीआई दाखिल करने वाले की मंशा का अध्ययन करना आवश्यक है तथा ऐसे कदमों से और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकती है।