एजेंसी / कोयंबटूर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने पश्चिम बंगाल सरकार पर राज्य में इस्लामी कट्टरपंथियों के हमले पर मूक दर्शक बने रहने और जिहादियों के तुष्टीकरण का आरोप लगाया है। संघ के संयुक्त महासचिव भागैया ने कहा कि तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में इस मुद्दे पर चर्चा होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले तीन सालों से इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा खुलेआम आतंक फैलाया जा रहा है। रविवार को मोहन भागवत ने इस बैठक का उद्घाटन किया।
भागैया ने बताया कि यहां तीन दिवसीय बैठक में इस मुद्दे पर बहस के बाद एक प्रस्ताव पास करके उसे केंद्र को भेजा जाएगा। उसमें केंद्र से कहा जाएगा कि वह जिहादी हमले पर रोक लगाए और कट्टरपंथियों पर अंकुश लगाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार पर दबाव बनाए। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की और ऐसे हमलों पर मूक दर्शक बनी रही। भागैया ने कहा कि आतंकियों से समाज और लोगों की रक्षा करने के बजाय राज्य सरकार जिहादियों को खुश करने में लगी रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिहादी इस हद तक चले गए कि उन्होंने लोगों को सरस्वती पूजा न करने के लिए बाध्य किया और उसके बदले मिलाद-उन-नबी त्योहार मनाने के लिए मजबूर किया। केरल में संघ कार्यकर्ताओं की हत्या पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह माकपा का मूल स्वभाव है। संघ की राष्ट्रीय बैठक का उद्घाटन सरसंघचालक मोहन भागवत ने किया। इसमें देश भर के 1400 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।