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भागवत ने 'अपनों' को दी नसीहत, न करें मोदी की निंदा

Thu, 25 Aug 2016 03:07 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : amar ujala
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गाय के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कथित गौरक्षकों को सावर्जनिक तौर पर लताड़ने के बाद उनके विरोध में उतरे विहिप और अन्य हिंदूवादी संगठनों को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नसीहत दी है। 
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अपने ही संगठनों द्वारा सरकार और प्रधानमंत्री मोदी की खुलेआम आलोचना से सरकार की बिगड़ती छवि से चिंतित भागवत ने सभी अनुषांगिक संगठनों से कहा है कि सावर्जनिक तौर पर प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना न करें। 

बता दें कि गुजरात के उना में कथित गौरक्षकों द्वारा मृत गाय की खाल उतारने वाले दलितों को बुरी तरह पीटा गया था। इसकी वीडियो वायरल होने के बाद गौरक्षकों और उनकी गुंडागर्दी को लेकर देशभर में बहस छिड़ गई। 
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इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी चुप्पी तोड़ते हुए उन्हें कहा कि उन्हें ऐसे गौरक्षकों पर बहुत गुस्सा आता है जो दिन में गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी करते हैं और रात को गलत कामों में लगे रहते हैं। 

अपनों के बयान से असहज हो रही सरकार और पार्टी

- फोटो : ब्यूरो/ आगरा
मोदी का यह बयान सामने आने के बाद गौरक्षक के नाम पर बने संगठनों और आरएसएस से जुड़े विहिप सहित तमाम हिंदूवादी संगठनों में उबाल आ गया। सभी ने एक सुर में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 

इसके बाद से ही लगातार मोदी ऐसे संगठनों के निशाने पर हैं। हिंदूवादी संगठनों द्वारा सार्वजनिक तौर पर प्रधानमंत्री की हो रही आलोचना ने अब सरकार की छवि पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। इससे चिंतित दिख रहे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने ऐसे लोगों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। 

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार आगरा में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 236 कार्यवाहों को संबोधित करते हुए विहिप और बजरंग दल जैसे संगठनों को सार्वजनिक तौर पर प्रधानमंत्री की आलोचना से परहेज करने के लिए कहा गया है। 
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सभी संगठनों से मिलजुलकर चुनाव में जुटने का आह्वान

- फोटो : अमर उजाला
भागवत के अनुसार ऐसे बयानों से सरकार और भाजपा दोनों के लिए असहज स्थिति पैदा होती है। इसके अलावा यह भाजपा और संघ के बीच दरार की खबरों को भी हवा देते हैं। 

कार्यक्रम में आरएसएस से जुड़े विहिप, भाजपा, विद्या भारती, अखिल भारतीय मजदूर संघ, किसान संघ, क्रीडा भारती, पूर्व सैनिक परिषद, राष्ट्रीय सिख संगत, विज्ञान भारती और लघु उद्योग भारती सहित कुल 33 संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 

इस दौरान भागवत ने यूपी और उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत तय करने पर भी चर्चा की। ब्रज प्रांत प्रचारक प्रदीप ने बताया कि 'सर संघचालक भागवतजी ने सभी को एकजुट रहने पर बल दिया। सभी संगठनों को स्वतंत्र होकर एक दूसरे से सामंजस्य बनाते हुए देश के विकास के लिए काम करना चाहिए।' 
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