आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने गुरुवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के मणिपुर की स्थिति पर चिंता जताने पर प्रतिक्रिया दी है। संजय ने कहा कि अगर आरएसएस बदलाव लाना चाहता है तो उसे सकारात्मक कदम उठाना चाहिए। वरना संघर्षग्रस्त राज्य के बारे में सिर्फ बात करने का कोई मतलब नहीं है।
संजय सिंह ने आगे कहा कि यह तो अचरज की बात है कि संघ प्रमुख ने पूर्वोत्तर राज्य के बार में भाजपा को पहले क्यों नहीं सावधान किया था।
यह मां-बच्चे की लड़ाई है: संजय सिंह
संजय सिंह ने आगे कहा, ‘कुछ दिन पहले भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था कि अटल बिहारी बाजपेयी के समय भाजपा को आरएसएस के समर्थन की जरूरत थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाजपा को इसकी जरूरत नहीं है। मुझे लगता है यह एक मां और उसके बच्चे के बीच की लड़ाई है। नड्डा ने खुले तौर पर आरएसएस के खिलाफ बोला है, वहीं आरएसएस अब भाजपा के खिलाफ बोल रहा है।’
एक साल से मणिपुर में हिंसा हो रही है, RSS को पहले आगाह करना चाहिए था
आप नेता ने कहा कि मैं पूरी विनम्रता के साथ मोहन भागवत जी से पूछना चाहता हूं कि मणिपुर मामले में मुझे (राज्यसभा) सांसद के रूप में निलंबित कर दिया गया था, लेकिन जब मणिपुर में एक साल से हिंसा हो रही है, तो आरएसएस को पहले ही सरकार को आगाह करना चाहिए था और सरकार से सवाल पूछने चाहिए थे लेकिन आरएसएस ने ऐसा नहीं किया।
2023 से राज्यसभा से निलंबित हैं संजय सिंह
2023 में मानसून सत्र के दौरान मणिपुर के मुद्दे पर विरोध करते समय सभापति के निर्देशों का कई बार उल्लंघन करने के कारण उन्हें राज्य सभा से निलंबित कर दिया गया था।