भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह पर लगे आरोपों पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने पहली बार अपना पक्ष रखा है। संघ के सह सरकार्यवाह दत्रातेय होसबोले ने भोपाल में कहा कि आरोप गंभीर हो तभी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले पहले साबित करें फिर उसके बाद ही जांच होनी चाहिए।
दरअसल, संघ का अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल यहां भोपाल में अपने कामकाज की समीक्षा कर रहा है। इस बीच बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह पर लगे आरोपों का विवाद बैठक में उठा, जिस पर दत्रातेय ने संघ की तरफ से राय रखी।
बैठक में केरल में आरएसएस कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी उठा। दत्रातेय ने कहा कि जो विचारधाराएं हार गई हैं वो हमले करने का रास्ता अपना रही हैं। उन्होंने कहा कि देश नाजुक हालत से गुजर रहा है और लोकतंत्र में बहस होना काफी जरूरी है।
बता दें कि तीन दिन तक चलने वाली इस बैठक में देश भर के लगभग 300 प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसमें देश के मौजूदा राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक परिदृश्य पर चर्चा होगी। खासतौर पर केरल, जम्मू कश्मीर व पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात पर विस्तार से बात होने के संकेत हैं और रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में शरण देने के सवाल पर भी विमर्श होगा।
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गौरतलब है कि संघ का कार्यकारी मंडल साल में दो बार बैठक करता है। इसके पहले मार्च में यह बैठक हुई थी। पिछली बार भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी इसमें शरीक हुए थे, पर इस बार उनका कार्यक्रम स्पष्ट नहीं है। हालांकि औपचारिक तौर पर यह सर्वविदित है कि कार्यकारी मंडल की बैठक में संघ अपने कार्यों की समीक्षा करता है। अनुषांगिक संगठनों सहित जिनके पास जो दायित्व है, उसका लेखा जोखा प्रस्तुत किया जाता है और अगले एजेंडे पर चर्चा होती है।