नोटबंदी पर जारी सियासी संग्राम के बीच संघ अब पीएम मोदी के कदम को सफल बनाने में जुट गया है। संघ के संगठन भारतीय मजदूर संघ ने जहां अपने समर्थक मजदूरों से कहा है कि वे किसी के झांसे में न आएं। बल्कि मजदूर संघ ने नोटबंदी के कदम को सफल बनाने के लिए सरकार को और कदमों की सलाह दी है।
अमर उजाला से बातचीत करते हुए बीएमएस के राष्ट्रीय महासचिव बृजेश उपाध्याय ने कहा कि नोटबंदी का कदम सराहनीय है। कालाधन के खात्मे के लिए सरकार ने 500 और 1000 के नोटों को बंद करने का साहसीक कदम उठाया है।
जनता के बीच कैश की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने सरकार से सरकारी और पीएसयू कर्मचारियों को नगदी रूप में अग्रिम वेतन प्रदान करने की मांग की है। उपाध्याय का कहना है कि कर्मचारियों को नगदी रूप में अग्रिम वेतन मिलने से बाजार में कैश की उपलब्धता जल्दी सुनिश्चित हो सकेगी।
मजदूरों को किसी का धन अपने खाते में न जमा करने और किसी दूसरे का रूपया न बदलने की नसीहत देते हुए मजदूर नेता ने कहा कि आम मजदूरों को इससे बचना चाहिए।
संघ के अन्य संगठनों ने भी सरकार के कदम की सराहना की है। नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार के साथ मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए स्वदेशी जागरण मंच ने कहा है कि 500 और 1000 के नोट को बंद करने की लंबे अरसे से उसकी मांग थी। जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है।
स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा है कि सरकार का कदम सराहनीय है। सरकार को कुछ और कदम उठाकर यह भी सुनिश्चित करनी चाहिए कि भविष्य में कालेधन का निर्माण न हो सके। किसानों के बीच कार्य करने वाले भारतीय किसान संघ ने भी सरकार के कदम की सराहना की है।
भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय महासचिव बद्री नारायण चौधरी ने कहा कि नोटबंदी के कदम का हम स्वागत करते हैं। इससे कालेधन पर लगाम कसेगी। किसान और गरीब सरकार के इस कदम से बेहद खुश हैं।
इससे पहले संघ प्रमुंख मोहन राव भागवत भी खुद सरकार के कदम का स्वागत कर चूके हैं। बताया जा रहा है कि संघ के स्वयं सेवक सोशल मीड़िया पर नोटबंदी के पक्ष में मैदान संभालने के अलावा कई स्थानीय इलाकों में पहुंचकर बैंकों की कतार में खड़े लोंगों को सहूलियत भी प्रदान कर रहे हैं।