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RSS: आरएसएस नेता सुनील अंबेकर ने कहा, अहिल्याबाई भारतीय सांस्कृतिक चेतना की प्रतीक

Wed, 14 May 2025 08:12 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आरएसएस नेता सुनील अंबेकर ने कहा कि अहिल्याबाई भारतीय महिलाओं के लिए आदर्श हैं।  अंबेकर ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन चरित्र को आज की महिलाओं तंक पहुंचाने के हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए।
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फोटो- आरएसएस नेता सुनील अंबेकर, प्रो. बन्दना झा और अन्य।  - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने कहा कि अहिल्याबाई भारतीय महिलाओं के लिए आदर्श हैं। उनके पूरे जीवन का कार्य भारतीय सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है और उन्हीं के आदर्शों पर चलते हुए भारत अपने आध्यात्मिक गौरव को प्राप्त कर सकता है। 
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साहित्य अकादमी के सभागार में आज 'द लोकमाता: देवी अहिल्याबाई होलकर का जीवन और विरासत' नामक पुस्तक का विमोचन समारोह संपन्न हुआ। प्रो. बंदना झा और डॉ. प्रितेश कुमार के संपादन में प्रकाशित इस पुस्तक में अहिल्याबाई के जीवन चरित्र को बेहद खूबसूरत ढंग से दिखाया गया है। इस कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए अंबेकर ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन चरित्र को आज की महिलाओं तंक पहुंचाने के हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए।

प्रो. बंदना झा वर्तमान में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के भाषा, साहित्य और संस्कृति अध्ययन संकाय के अंतर्गत भारतीय भाषाओं के केंद्र (Centre of Indian Languages - CIL) की अध्यक्ष हैं। वे हिंदी साहित्य और संस्कृति की एक प्रतिष्ठित अध्येता हैं, जिनके शोध का विशेष केंद्र लोक परंपराएं, स्त्री विमर्श और भारतीय इतिहास में नारी नेतृत्व रहा है। अपने वक्तव्य में उन्होंने देवी अहिल्याबाई होलकर के नेतृत्व को “नारी शक्ति और सांस्कृतिक चेतना का अनुपम संगम” बताया और कहा कि यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों को भारतीय महिला नेतृत्व की गहराई से समझ देगी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी सुनील आंबेकर ने बुधवार को कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का पाकिस्तान में चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर यह संदेश देने के लिए आवश्यक था कि भारत छत्रपति शिवाजी और अहिल्याबाई होल्कर जैसे वीरों का देश है। आंबेकर ने कहा कि भारत आज ऐसे मोड़ पर है, जहां वह आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, हमारे लिए व्यापार भी बहुत महत्वपूर्ण है। देश में शांति और एकता बनाए रखना भी बहुत जरूरी है। इसी तरह पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर भी जरूरी था।

आंबेकर ने कहा, यह स्पष्ट संदेश देना महत्वपूर्ण है कि हमारे पास छत्रपति शिवाजी महाराज और अहिल्याबाई जैसी बहादुर महिलाओं की विरासत है। तुम हमारे देश में आकर महिलाओं के माथे से सिंदूर नहीं पोंछ सकते। इसकी अनुमति नहीं है। यह नया भारत है।

भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई की सुबह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 नागरिकों के नरसंहार के दो सप्ताह बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत सैन्य हमले किए गए।
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